सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चोलापुर में महिला चिकित्सक और आशाओं के बीच हुई मारपीट के मामले को लेकर शुक्रवार को भी दिनभर हंगामा होता रहा। आशाओं ने चिकित्सीय काम बंद करा कर मेन गेट पर ताला जड़ दिया और शाम तक प्रदर्शन करती रहीं। इस दौरान मरीजों तक को अंदर नहीं जाने दिया। आशाओं की अराजकता के चलते मरीजों को निराश लौटना पड़ा। वहीं, अस्पताल के अंदर चिकित्सक और कर्मचारी बंधक बने रहे। हालात संभालने के लिए बनारस से महिला पुलिस बुलानी पड़ी। सायं को सीओ के साथ डिप्टी सीएमओ पहुंचे और चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को मुक्त कराया। उन्होंने आशाओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वे महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुवार को महिला चिकित्सक डॉ. किरण जायसवाल और आशाओं में मारपीट हो गई थी। महिला डॉक्टर की तहरीर पर 50 आशाओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, आशाओं ने भी चोलापुर थाने में तहरीर दी है। इसी मसले को लेकर शुक्रवार को आशा कल्याण समिति की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह के नेतृत्व में जुटीं आशाओं ने सुबह 11 बजे कामकाज ठप करा दिया। साथ ही मेन गेट पर ताला बंद कर नारेबाजी और प्रदर्शन करती रहीं। मौके पर पहुंची पुलिस और मीडियाकर्मियों से अभद्रता की गई। गांवों से पहुंचे मरीज भी अंदर नहीं जा सके। आखिरकार मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ी।
अपराह्न तीन बजे के बाद एडिशनल सीएमओ डॉ. सीपी गुप्ता, पुलिस क्षेत्राधिकारी अयोध्या प्रसाद सिंह और चोलापुर थानाध्यक्ष मूलचंद चौरसिया पहुंचे। अधिकारियों ने आशाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे जिलाधिकारी और सीएमओ को बुलाने एवं महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं। दोनों पक्षों में करीब दो घंटे तक वार्ता चली। आशाओं ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर व्यापक पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी स्थित संघ भवन में हुई। इसकी अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने कहा कि चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर ने आशा कार्यकत्री की पिटाई कर दी। संघ ने इसकी निंदा करते हुए ऐलान किया कि 24 घंटे में डाक्टर को गिरफ्तार कर कार्रवाई नहीं की गई तो मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। बैठक में रामबदन यादव, ओम प्रकाश पटेल, विजय कुमार श्रीवास्तव, इंद्रमणि पांडेय, उमेश बहादुर सिंह, विष्णु प्रसाद आदि शामिल रहे।