वाराणसी। बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर की महिला प्रोफेसर से छेड़छाड़ के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत ने लंका पुलिस की ओर से दाखिल अंतिम रिपोर्ट निरस्त कर दी। अदालत ने पीड़िता के प्रोटेस्ट प्रार्थना-पत्र को स्वीकार कर लंका थानाध्यक्ष को अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है। महिला प्रोफेसर ट्रामा सेंटर के एक विभाग में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि पूर्व प्रभारी और सुरक्षाकर्मी उनके साथ अभद्र व्यवहार करते थे। सुरक्षाकर्मियों पर गलत नीयत से धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगाया गया था। विवेचना में बाउंसर दो के नाम सामने आए थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनका समुचित बयान, स्वतंत्र गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पर्याप्त जांच नहीं की गई। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। संवाद