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आदेश दरकिनार: 500 छोड़िए, 100 मीटर के अंदर ही स्कूलों के बाहर बिक रहा नशा; कार्रवाई सिर्फ कागजों पर हो रही

Mon, 08 Jun 2026 10:01 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कई विद्यालयों के 100 मीटर दायरे में ही गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले उत्पाद खुलेआम बिक रहे हैं। कार्रवाई कागजों तक सीमित नजर आ रही है, जबकि छात्रों पर बढ़ते खतरे को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
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अहद इंटर काॅलेज के बाहर बिक रहा तंबाकू। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Tobacco Sold Outside The School: बच्चों और किशोरों को नशे की लत से बचाने के लिए शासन ने शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर  के दायरे में शराब और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई है लेकिन जिले में यह नियम कागजों तक ही सीमित है। जिले के कई विद्यालयों के गेट, चहारदीवारी और मुख्य मार्गों के पास 100 मीटर के दायरे में ही गुटखा, सिगरेट, तंबाकू और शराब की दुकानें खुलेआम चल रही हैं। इन पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है।

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 पहले शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे को तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करने का आदेश था। नई कार्ययोजना में इसे 500 मीटर किया गया है। इसके तहत ‘नशामुक्त विद्यालय’ नाम से एक विशेष पोर्टल भी शुरू किया जाना है। 

यू-डायस में पंजीकृत सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को पोर्टल पर नशामुक्त नियमों के पालन की रिपोर्ट देनी होगी। हालांकि, ये सभी आदेश अभी सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। वाराणसी शहर में कई ऐसे विद्यालय हैं, जिनके मुख्य गेट पर ही नशे की दुकानें हैं। 
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इसी तरह विद्यालयों के आसपास ऐसी दुकानें भी हैं जहां स्मोकिंग जोन बनाए गए हैं। छात्र ऐसी दुकानों पर जुटते हैं और समूह बनाकर नशा करते हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद यहां भीड़ ज्यादा होती है।

क्वींस कॉलेज के सामने सड़क उस पार बिकता है नशा
पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज लहुराबीर में स्थित है। इस विद्यालय में 2500 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। विद्यालय की बाउंड्री के चारों ओर नशे की दुकानें हैं। सबसे खराब स्थिति विद्यालय के मुख्य गेट के सामने सड़क के उस पार स्थित दुकानों की है, जहां सुबह और शाम भीड़ देखने को मिलती है। बगल में पुलिस भी रहती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। 

हरिश्चंद्र इंटर काॅलेज के सामने बिक रहा तंबाकू। - फोटो : संवाद
कमलापति त्रिपाठी विद्यालय के उस पार ही शराब और तंबाकू की दुकानें
कैंट स्टेशन के पास स्थित कमलापति त्रिपाठी विद्यालय के उस पार कई तंबाकू और शराब की दुकानें हैं। यही नहीं, विद्यालय के अगल-बगल भी महज 100 कदम की दूरी पर तंबाकू, पान आदि आसानी से मिल जाते हैं। पहले नाइट बाजार में ये दुकानें थीं, जो अब सड़क किनारे लगती हैं। 

आर्य महिला-हरिश्चंद्र कॉलेज के पास भी यही हाल
शहर के दो प्रतिष्ठित विद्यालयों, आर्य महिला इंटर कॉलेज और हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज, के पास भी नशे की दुकानें हैं। दोनों ही विद्यालय भीड़भाड़ वाले स्थानों पर स्थित हैं। यहां विद्यालय के गेट के अगल-बगल ही नशे की दुकानें देखने को मिल जाती हैं। दोनों विद्यालयों के आसपास पुलिस बूथ और थाना भी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

विद्यालयों के बाहर या आसपास नशे की दुकानें नहीं होनी चाहिए। इसकी जांच कराई जाएगी। अभियान चल रहा है। ऐसे सभी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - भोलेंद्र प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, वाराणसी
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26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर मिलेगी जानकारी
नई कार्ययोजना के तहत पीएम ई-विद्या टीवी चैनलों पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए नियमित परिचर्चा सत्र चलाए जाएंगे। इनमें मानसिक स्वास्थ्य, खुशहाली और नशे से बचाव जैसे विषय शामिल होंगे। स्कूलों में हर साल 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को जिले का नोडल अधिकारी बनाया है।
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