बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में एक जनवरी से ब्रांडेड दवा लिखने पर रोक लगाते हुए जेनेरिक दवा लिखने का आदेश तो जारी हुआ था लेकिन पहले दिन ही यह आदेश कुछ प्रभावी नहीं दिखा। अस्पताल परिसर में हर दिनों की तरह मंगलवार को भी डॉक्टरों ने ब्रांडेड दवाएं लिखी।
एक ओर जहां चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनात मिश्र ने दावा किया कि मरीजों जेनेरिक दवाएं लिखी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी काउंटर पर जेनेरिक दवाएं आ जाएंगी। उधर, सूत्रों की मानें तो अस्पताल के कुछ डॉक्टर इस आदेश से सहमत नहीं है और इसके पीछे अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में जेनेरिक दवाएं न होने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि अस्पताल में मरीजों को जेनेरिक दवाएं अधिक से अधिक मिल सकें इसलिए अस्पताल प्रशासन ने काउंटर बढ़ाए जाने का फैसला लिया था। आईएमएस में डॉक्टरों के साथ बैठक कर चिकित्सा अधीक्षक ने सभी से सहयोग का आह्वान किया था।
अस्पताल में एक जनवरी से ब्रांडेड दवा न लिखने का आदेश 21 दिसंबर को जारी हुआ था। इसके माध्यम से आईएमएस से जुड़े विभागों के डॉक्टरों, रेजिडेंट से केवल जेनेरिक दवा लिखने की अपील की गई थी। डॉक्टरों की ओर से कुछ ऐसी दवाइयां भी लिखी जाती है जो अंदर चल रही उमंग और अमृत फार्मेसी पर नहीं मिल पाती हैं और मजबूरी में मरीजों को बाहर से महंगे दाम पर खरीदना पड़ता है।
चिकित्सा अधीक्षक ने बताया था कि अस्पताल में जेनेरिक दवा के काउंटर बढ़ाए जाएंगे, जिससे कि मरीजों को राहत मिल सके। उमंग, अमृत फार्मेसी के अलावा अस्पताल में हर मंजिल पर चल रहे उमंग फार्मेसी के काउंटरों पर भी जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएगी।