आईएमएस बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में अब आंखों के कैंसर, चोट और ट्यूमर की जटिल सर्जरी में ऑर्बिटल नेविगेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह तकनीक की मदद से सर्जरी के दौरान उपकरण सही दिशा में काम कर रहा है या नहीं, इसकी सटीक जानकारी मिलेगी। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को संस्थान के ऑपरेशन थियेटर में इ नई सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने इस तकनीकी से सर्जरी का डेमो भी देखा।
ऑर्बिटल नेविगेशन तकनीक शुरू करने वाला आईएमएस बीएचयू का क्षेत्रीय नेत्र संस्थान यूपी का पहला संस्थान है। क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी मौर्य का कहना है कि ऑर्बिटल नेविगेशन सिस्टम एक तरह का इमेज गाइडेड नेविगेशन मशीन है। इसकी खासियत यह है कि यह एक सेटेलाइट की तरह सर्जरी के दौरान डॉक्टर को रियल टाइम ट्रैकिंग करने में मदद करती है। यह तकनीक विशेष रूप से ऑर्बिटल ट्यूमर, ऑर्बिटल ट्रॉमा, जटिल क्रेनियोफेशियल चोटों, ऑर्बिटल रिकंस्ट्रक्शन, स्कल-बेस घावों तथा अन्य जटिल ऑर्बिटल स्थितियों के उपचार में उपयोगी होगी।
प्रो. मौर्य की अगुवाई में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन प्रो. अखिलेश कुमार सिंह, रेडियोलॉजी विभाग से प्रो. आशीष वर्मा ने ओटी में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को ऑर्बिटल नेविगेशन सिस्टम के बारे में बताया। कहा कि जटिल ऑर्बिटल एवं क्रेनियोफेशियल सर्जरी में इसका बेहतर उपयोग होगा। कार्यक्रम के दौरान 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर नेत्रदाताओं के परिजनों को कुलपति ने सम्मानित किया। कुलपति ने कहा कि देश में नेत्रदान करने वाले दाताओं और कॉर्निया प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले मरीजों के बीच बहुत बड़ा अंतर है। अंत्येष्टि से पूर्व स्वैच्छिक कॉर्निया दान के संबंध में सामाजिक जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। इस दौरान आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार, चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. पुनीत कुमार, प्रो. दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे।