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Varanasi: संस्कृत विश्वविद्यालय में अगले सप्ताह से ज्योतिष की ओपीडी, फीस जानकर आपको होगी हैरानी

Sun, 30 Jul 2023 04:08 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र में कोई भी व्यक्ति अपनी कुंडली दिखाकर अपने खराब चल रहे ग्रहों के बारे में जानकारी लेकर उनके निदान की प्रक्रिया को समझ सकता है। अधिमास के समापन के बाद अगस्त के प्रथम सप्ताह से ज्योतिष परामर्श केंद्र के संचालन की तैयारी है। 
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वाराणसी का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय (एसएसयू) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष की ओपीडी के संचालन की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। चार साल से ज्योतिष परामर्श केंद्र के शुरू होने का इंतजार कर रही जनता को जल्द ही ज्योतिष के सही और सटीक समाधान मिलेंगे। ओपीडी शुरू करने के लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये मिले हैं। पूरी उम्मीद है कि अगस्त के पहले सप्ताह में ज्योतिष विभाग में ओपीडी शुरू हो जाएगी।

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संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष परामर्श केंद्र के संचालन से आम जनता को ग्रह दशाओं के बारे में सही और सटीक जानकारी मिल सकेगी। 2019 से ज्योतिष परामर्श केंद्र के संचालन की तैयारियां चल रही थीं लेकिन किसी न किसी कारण से इसे शुरू करने में अड़चनें आती रहीं।

शाम को एक घंटे ओपीडी चलेगी

ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रों अमित कुमार शुक्ला ने बताया कि अधिमास के समापन के बाद अगस्त के प्रथम सप्ताह से ज्योतिष परामर्श केंद्र के संचालन की तैयारी है। केंद्र के लिए राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने विधायक निधि से 25 लाख रुपये की धनराशि भी दे दी है। कार्यपरिषद की मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके संचालन की अनुमति भी दे दी। ज्योतिष विभाग के एक कमरे में इसका संचालन किया जाएगा। शुरुआत में शाम को एक घंटे ओपीडी चलेगी। विभाग के शिक्षक और शोध छात्र लोगों की समस्या का निदान करेंगे।

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दो सौ रुपये में मिलेंगे तीन फलादेश

विभागाध्यक्ष प्रो. अमित शुक्ला ने बताया कि ज्योतिष की ओपीडी में जरूरतमंदों को उचित दर पर परामर्श दिया जाएगा। कुंडली दिखाने के लिए फिलहाल 200 रुपये शुल्क निर्धारित है। कोई भी व्यक्ति 200 रुपये शुल्क जमा करके तीन फलादेश की जानकारी हासिल कर सकता है। शुल्क की 50 फीसदी राशि संबंधित ज्योतिषी को बतौर मानदेय देने का प्रस्ताव है। जबकि 50 फीसदी राशि में 25-25 फीसदी शुल्क विभाग और विश्वविद्यालय कोष में जमा होंगे।
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