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महारैली में बोले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, बिना मेरे कहे किसी रैली में गए तो हो जाएगा पीलिया

Mon, 21 May 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सीएम ने मान ली है आरक्षण में विभाजन की बात - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में शराब बंदी लागू कराने के लिए आंदोलन का आगाज सुहेलदेव भासपा ने बलिया की धरती से किया। रविवार को बलिया के टीडी कॉलेज मैदान में पार्टी के महिला मंच द्वारा आयोजित महिला सम्मेलन  में उमड़ी भीड़ से प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर गदगद नजर आए।

उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 फीसदी आरक्षण में विभाजन की बात मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मान ली है। अब गरीब पिछड़ों के बेटे भी डाक्टर इंजीनियर बन सकेंगे। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि शराब बंदी के साथ ही विकास के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है।
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कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है,  शिक्षित व्यक्ति शेर की तरह दहाड़ता है जबकि अशिक्षित व्यक्ति हमेशा सियार की तरह दुबका रहता है और दर-दर भटकता है। कैबिनेट मंत्री के आह्वान पर जन समूह ने हाथ उठा कर इशारा किया कि उन्हें राशनकार्ड नहीं मिला है।

कहा कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। बताया कि पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 फीसदी आरक्षण में विभाजन की बात मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मान लिया है। बताया कि पिछड़ा, अति पिछड़ा व सर्वाधिक पिछड़ा के बीच विभाजन होने से गरीबों का बेटा भी डाक्टर, इंजीनियर, दरोगा, बाबू आदि बन सकेंगे।

कहा भाजपा से गठबंधन है और यह गठबंधन 2024 तक रहेगा। कहा कि गरीबों व पिछड़ों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। अंत में उपस्थित भीड़ से कहा कि बिना उनके निर्देश के किसी भी रैली नहीं जाना है और अगर कोई गया तो उसे ओमप्रकाश का श्राप होगा, उसे पीलिया हो जाएगा। पीलिया तब ठीक होगा जब ओमप्रकाश दवा करेंगे। 

महिलाओं से कहा, शराब बांट कर वोट लेने वाले नेताओं की करें पिटाई

कई महिला नेताओं ने कैबिनेट मंत्री को मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई - फोटो : अमर उजाला

 प्रदेश में शराब बंदी लागू कराने के लिए आंदोलन का आगाज सुभासपा ने रविवार की बलिया की धरती से किया। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश ने कहा कि प्रदेश में शराब हर हाल में बंद कराई जाएगी। मोदी के ‘मन की बात’ में नशामुक्ति के जिक्र पर कहा कि जब बिहार व गुजरात में शराब बंदी हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं । सपा, बसपा व कांग्रेस गठबंधन पर कहा कि पहले अलग-अलग लूटते थे अब यह तीनों मिलकर लूटेंगे।  

टीडी कॉलेज मैदान में रविवार को पार्टी के महिला मंच द्वारा आयोजित महिला सम्मेलन व महारैली में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिस दिन प्रदेश में शराब बंदी हो जाएगी उसी दिन गरीबों के विकास का रास्ता खुल जाएगा।

शराब से सबसे अधिक नुकसान गरीबों व पिछड़े वर्ग के लोगों का हो रहा है। शराब बांटकर वोट मांगने वाले नेताओं की पिटाई होनी चाहिए और इस बात के लिए महिलाओं से हामी भी भरवाई। बताया कि इस बाबत मुख्यमंत्री से भी वार्ता हुई है और उन्होंने भी सकारात्मक रुख दिखाया है।

उपस्थित अपार जन समूह से उत्साहित कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा कि अब कोई भी ताकत शराब बंदी कराने से नहीं रोक सकता है। जो भी इस मामले में रोड़ा अटकाने का काम करेगा उसका संहार वैसे भी होगा जैसे देवी दुर्गा ने दुष्टों का संहार किया था। उन्होंने महिलाओं को महाराजा सुहेलदेव व भगवान शंकर की कसम दिलाते हुए कहा कि वह शराब बंदी कराने का संकल्प लें। 
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महिला सम्मेलन के जरिए साधा लोकसभा चुनाव पर निशाना      

महिला मंच द्वारा आयोजित महिला सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
सुभासपा महिला मंच की ओर से भले ही शराब बंदी को लेकर महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया था। लेकिन इसके सहारे राजनीति साधने की भी झलक खूब दिखी। आलम यह रहा कि अधिकांश महिला पदाधिकारियों ने जहां केंद्र व प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया।

यहां तक कि शराब बंदी लागू नहीं होने पर लोकसभा चुनाव में सरकार नहीं बनने देने की चेतावनी भी दी। हालांकि कैबिनेट मंत्री ने जहां सपा, बसपा व कांग्रेस पर एकसाथ मिलकर लूटने का आरोप लगाते हुए इनका सूपड़ा साफ करने का आह्वान किया वहीं यह भी कहा कि बिना उनके निर्देश पर किसी भी दल की रैली में शामिल नहीं होना है वर्ना श्राप लग जाएगा। इससे कई संकेत निकलते हैं।        

मंच  रहा महिलाओं के हवाले       
बलिया में अब तक के सम्मेलनों से इतर सुभासपा की ओर से महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया था। मंच पर केवल महिला पदाधिकारियों के लिए ही जगह निर्धारित की गई थी। इसके अलावा पार्टी के पुरुष कार्यकर्ताओं को केवल व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का पूरा कुनबा सम्मेलन में शामिल था लेकिन मंच पर केवल कैबिनेट मंत्री की पत्नी तारामुनि राजभर को ही जगह दी गई थी।

इसके अलावा कैबिनेट मंत्री मंच के पास बगल में बने पंडाल में तो उनके दोनों पुत्र अरविंद राजभर व अरुण राजभर चक्रमण कर व्यवस्था को देखते रहे। हालांकि महिला मंच की ओर से आयोजित महिला सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री व पार्टी के महासचिव अरविंद राजभर मंच पर केवल संबोधन के लिए ही गए।        
 
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