आईआईटी बीएचयू में 17 जनवरी को होने वाले छात्र संसद चुनाव में मेधावी छात्र ही प्रत्याशी बन सकेंगे। वही विद्यार्थी चुनाव लड़ पाएंगे, जो पढ़ाई के साथ ही खेलकूद एवं सांस्कृतिक स्पर्धाओं में भी अव्वल रहे हों। इतना ही नहीं, सेमेस्टर परीक्षा के अंक, रिसर्च पेपर और डिजर्टेशन की भी उम्मीदवारी की अर्हता का आधार होंगे।
आईआईटी बीएचयू में पहली बार हो रहे छात्र संसद चुनाव के नियम छात्रसंघ चुनाव से अलग हैं। छात्रसंघ चुनाव में जहां उम्मीदवारी के लिए विद्यार्थियों की उपस्थिति, आपराधिक मुकदमे आदि को आधार बनाया जाता है, वहीं छात्र संसद चुनाव में शैक्षिक योग्यता, इंटर कालेज इवेंट और राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रमों में भागीदारी को आधार बनाया गया है।
सेमेस्टर परीक्षा में सात सीजीपीए प्राप्त करने के साथ ही इन सभी गतिविधियों में भागीदारी के अनुरूप प्रत्याशियों को प्वाइंट दिए जाएंगे, जो नामांकन पत्राें की जांच में प्रत्याशियों की योग्यता का आधार बनेंगे।
इतना ही नहीं, संस्थान के क्लबों के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी होने, संस्थान कैप्टन, आईआईटी जिमखाना काउंसिल के पदाधिकारी होने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार पाने पर भी प्वाइंट मिलेंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एके झा ने बताया कि संस्थान के कार्यक्रमों, स्पर्धाओं में भाग लेने वालों, काशीयात्रा, टेक्नेक्स आदि आयोजनों की कोर कमेटी में शामिल छात्र-छात्राओं को वरीयता दी जाएगी।