देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को काशी में एक और रात गुजारना अब नहीं खलेगा। सारनाथ स्थित खंडहर परिसर में धमेख स्तूप के समक्ष हर शाम लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा। शनिवार को यहां आए केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित योजना को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं।
काशी में लाखों देशी-विदेशी पर्यटक हर साल आते हैं लेकिन वह बहुत कम समय के लिए यहां ठहरते हैं। यहां का पर्यटन डेढ़ दिन का माना जाता है। आम तौर पर पर्यटक सुबह काशी पहुंचते हैं, शाम को गंगा आरती और दूसरे दिन सुबह सारनाथ घूम कर शाम की फ्लाइट से अपने देश लौट जाते हैं। हालांकि हाल ही में शुरू हुए सुबह-ए-बनारस के आयोजन से इसमें एक नई कड़ी जुड़ी है।
यह आयोजन पर्यटकों को रास आ रहा है। दूसरे दिन की शाम को एक आयोजन की जरूरत पर्यटन एजेंसियां महसूस कर रही थीं। अब यह समस्या भी दूर हो गई है। सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो योजना को मंजूरी मिलने के बाद दो से ढाई दिन तक रुकने की वजह पर्यटकों को मिल सकेगी। इस घोषणा का पर्यटन एजेंसियों व टूरिस्ट गाइडों ने स्वागत किया है।
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने सारनाथ में सीवेज सिस्टम को दुरुस्त करने में एएसआई की ओर से आ रही अड़चनों को बैठकर सुलझाने की बात भी कही है। साथ ही, देश के पुरातात्विक स्थलों की सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा है। भरोसा दिलाया कि पर्यटन विकास में जो भी बाधाएं आ रही हैं, उन्हें मिल-बैठकर जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा।
टास्क फोर्स का होगा गठन
वाराणसी। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने एक टास्क फोर्स के गठन को हरी झंडी दी है। इसमें संस्कृति, पर्यटन और उड्डयन मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रमुख पर्यटन स्थलों से विशिष्ट लोग व पत्रकार शामिल किए जाएंगे। टास्क फोर्स समस्या और सुझावाें के आधार पर हर महीने एक लक्ष्य बनाएगी और उसे एक महीने में पूरा कर लेगी। अगले महीने नया लक्ष्य लिया जाएगा। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि 15 मार्च से यह टास्क फोर्स काम करना शुरू कर देगी। वह शनिवार को यहां होटल दि गेटवे में आध्यात्मिक पर्यटन पर आयोजित सेमिनार में शिरकत करने आए थे।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय करेगा सफाई और सुरक्षा
वाराणसी। काशी सहित प्रमुख शहरों के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों की सफाई व सुरक्षा अगर संबंधित संस्थाएं नहीं कर पा रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय संभालेगा। न केवल मंत्रालय अपने कर्मचारी ऐसे स्थलों पर तैनात करेगा बल्कि संसाधनों पर होने वाले खर्च को भी वहन करेगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी से गोरखपुर 6 लेन स्वीकृत है पर पहले वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से निवेदन करेंगे कि वाराणसी और उसके आसपास के जिलों की सड़कें दुरुस्त की जाएं।
प्रसाद योजना के तहत काशी को 100 करोड़
वाराणसी। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने बताया कि प्रसाद योजना के अंतर्गत आने वाले 12 शहरों में वाराणसी भी शामिल है। इसके तहत वाराणसी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बजट में घोषित पांच सर्किट बौद्ध सर्किट, कृष्णा सर्किट, नार्थ इस्ट सर्किट, हिमालयन सर्किट और कोस्टल सर्किट के लिए पांच सौ करोड़ स्वीकृत होने की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इसका फायदा वाराणसी को भी मिलेगा।
बाबतपुर में वीजा ऑन एराइवल जल्द
वाराणसी। भारत के चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों के बाद जल्द ही वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर वीजा ऑन एराइवल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह आश्वासन केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने दिया। उन्होंने बताया कि जिन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर एयरपोर्ट नहीं है वहां हेलिकाप्टर की सुविधा दी जाएगी।
चुनार को आठ करोड़ तो मिर्जापुर का भी होगा विकास
वाराणसी। चुनार में पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने आठ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने बताया कि मिर्जापुर में बुद्ध से जुड़े प्रमुख तथ्य मिले हैं, उन्हें भी बुद्ध तीर्थ और पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन सचिव से पूर्वांचल में पर्यटन संभावनाओं को तलाशने और उस अनुरूप विकास के लिए खाका तैयार करने को कहा।