एमएनसीयू बनने के बाद नवजात को मां से अलग नहीं रहना पड़ेगा। यूनिट में मां और बच्चे दोनों के एक साथ रहने और उपचार की सुविधा होगी। इससे नवजातों की बेहतर देखभाल के साथ माताओं को भी राहत मिलेगी।
शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में यह यूनिट काफी उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि समय से पहले जन्म लेने वाले और कम वजन वाले बच्चों को यहां विशेष चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
महिला अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि एमएनसीयू बनने से नवजातों के उपचार में काफी सहूलियत होगी। पहले एनआईसीयू या एसएनसीयू में भर्ती बच्चों को मां से अलग रखना पड़ता था, लेकिन अब मां अपने बच्चे के साथ रह सकेगी। इस दौरान एसआईसी डॉ. नीना वर्मा, डॉ. अलका सिंह, डॉ. जेपी सिंह और सोनू चौरसिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।