भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज
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गुजरात के पाटन जिले के चानरुमा थाना के मकवाना निवासी विक्रम सिंह की तहरीर के आधार पर चार जून की देर रात भेलूपुर थाने में एक नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि 29 मई की रात डकैती डाली गई है। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित सात पुलिस कर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इंस्पेक्टर भेलूपुर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सीसी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को चिह्नित किया गया। अब सच्चिदानंद राय उर्फ मंटू को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
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1.40 करोड़ रुपये की लूट में सफल होने के बाद अपनी ही कार में सच्चिदानंद राय 92.94 लाख रुपये छोड़ क्यों दिया? जो इतनी बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दे सकता है, वह अपनी ही पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड कार में भला इतनी बड़ी रकम क्यों छोड़ेगा? इन सवालों का जवाब भेलूपुर थाने की पुलिस के पास नहीं है। इस संबंध में सच्चिदानंद राय के हवाले से भी पुलिस ने कोई भी बात स्पष्ट नहीं की।
पुलिस के अनुसार, जिस फर्म के कर्मचारी ने दावा किया कि कार से बरामद 92.94 लाख रुपये उसके हैं, उसे इस संबंध में साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत करने होंगे। इसकी जानकारी उसे दी गई है। वहीं, इस प्रकरण के मास्टर माइंड अजीत मिश्रा उर्फ संजय उर्फ गुरुजी की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमों की दबिश वाराणसी से लेकर लखनऊ तक जारी है।
लावारिस कार से 92.94 लाख रुपये बरामद होने के बाद भेलूपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष और खोजवा चौकी के पूर्व प्रभारी सहित सात पुलिस कर्मी निलंबित कर दिए गए थे। निलंबित पुलिस कर्मी अब मातहतों से मिलकर सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि जितनी बरामदगी दिखाई गई, उससे दोगुना पैसा था। पैसे की गिनती सीसी कैमरे के सामने हुई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन आपस में ही मतभेद हो गया और उनके हाथ धेला भी नहीं लगा। निलंबन हमारा हुआ और पैसा कोई और दबा ले गया।