शस्त्र पूजन के बाद कुलदेवी के दर्शन
इससे पहले मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे डॉ. अनंत नारायण सिंह रामनगर दुर्ग के झंडा गेट पर शस्त्र पूजन के लिए बैठे। उनके पहुंचते ही पीएसी के जवानों ने सलामी दी। दुर्ग के बैंड दल ने भी सलामी धुन बजाई। ब्राह्मणों ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन संपन्न कराया। पूजन के बाद डॉ. सिंह ने दुर्ग में स्थित मां काली और अपने कुल देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद शाही विजय जुलूस की तैयारियां पूरी की गईं।
बटाऊबीर में शमी पूजन
रामनगर दुर्ग से निकला विजय जुलूस निर्धारित मार्ग से लंका रामलीला मैदान की ओर बढ़ा। रास्ते में दोनों ओर खड़े लोगों ने डॉ. अनंत नारायण सिंह का अभिवादन किया। बटाऊबीर पहुंचकर उन्होंने शमी वृक्ष का पूजन किया और शांति के प्रतीक कबूतर छोड़े। इसके बाद शाही काफिला धीरे-धीरे लंका रामलीला मैदान पहुंचा। यहां डॉ. सिंह ने रणभूमि की परिक्रमा की और फिर रामनगर दुर्ग लौट आए।
दरबार हॉल में मुसाहिबों ने पेश की नजर
दुर्ग लौटने के बाद दरबार हॉल में परंपरागत दरबार लगाया गया। इस दौरान दुर्ग के मुसाहिबों ने कुंवर को नजर पेश की। उन्होंने रुमाल में एक रुपये का सिक्का और पान का बीड़ा रखकर परंपरा के अनुसार भेंट किया। विजयादशमी पर निकले इस शाही जुलूस में काशीराज परिवार की राजसी परंपराओं, धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक विरासत की झलक देखने को मिली।