पैमाइश करती टीम। कभी यहां नाला बहा करता था लेकिन अब उसका नामोनिशान मिट चुका है।
शहर में जिम्मेदार विभागों और भू-माफिया के गठजोड़ की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी एक बानगी रविवार को सामने आई। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर राजस्व विभाग और नगर निगम की ओर से सदर तहसील के सामने कराई गई पैमाइश में जो खुलासा हुआ, उससे खुद उच्चाधिकारी भी हैरान रह गए। नक्शे में तालाब और नाला लेकिन मौके पर कहीं कुछ भी नहीं। पैमाइश में पता चला कि तालाब की जगह कॉलोनी आबाद हो चुकी है और नाले को पाटकर रास्ता बना दिया गया है। पैमाइश रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जिम्मेदार विभागों के मुलाजिमों की मिलीभगत से पौराणिक कुंडों-तालाबों, वरुणा और असि नदी के साथ ही शहर में जगह-जगह सार्वजनिक भूमि, नाले-नालियों को कब्जाने की कारस्तानी एक के बाद एक सामने आ रही है। डीएम के निर्देश पर शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अवैध कब्जे का यह चौंकाने वाला मामला सामने आया। दरअसल, पिछले दिनों वरुणापार में बाबतपुर मार्ग पर सदर तहसील के सामने अभियान के दौरान कुछ लोगों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध किया। इसे लेकर उनकी प्रशासनिक टीम से नोकझोंक भी हुई थी। प्रशासनिक टीम ने इस प्रकरण से डीएम को अवगत कराया था। उधर, स्थानीय एक नागरिक ने भी जिलाधिकारी कार्यालय में नाला और तालाब पर कब्जा कर निर्माण करा लिए जाने की शिकायत थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने राजस्व विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पैमाइश कराकर सचाई जानी जाए और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। तहसीलदार सदन विनय राय के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर निगम की टीम ने यह पैमाइश की।