वाराणसी में बुधवार को हनुमान घाट पर आयोजित 215 ब्राहाणो ने सुन्द्रपाठ करते ।संवाद
हनुमान जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को हनुमान घाट स्थित श्री पंचनाम जूना अखाड़ा के प्राचीन बड़े हनुमान मंदिर में विविध अनुष्ठान हुए। श्रीमंहत हरि गिरी महाराज के नेतृत्व में 251 विद्वान ब्राह्मणों ने सामूहिक रूप से 1100 बार सुंदरकांड और 1100 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया।
कार्यक्रम में भगवान हनुमान का षोडशोपचार विधि से विशेष पूजन किया गया। भक्तों ने पवनपुत्र को 11000 गुलाब के पुष्प अर्पित किए। गुलाबों से सुसज्जित विग्रह के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती और काशी पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रूपोंमयी नंदगिरि माता का आशीर्वाद लिया। जगद्गुरु शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मकता और एकता का संचार करते हैं। अनुष्ठान के दौरान विशेष रूप से भारतीय सैन्य शक्तियों के विकास, देश की अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए बजरंगबली से प्रार्थना की गई। संतों ने राष्ट्र के सुचारू संचालन और आपसी सौहार्द के लिए हनुमान जी का आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम के संचालन में संयोजक मुकेश सिंह और मंदिर समिति के स्वयंसेवकों की भूमिका रही।