आईआईटी बीएचयू मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभाग में तीन दिवसीय शताब्दी वर्ष समारोह का बृहस्पतिवार को 1982 के पुरातन छात्र रमेश श्रीनिवासन ने शुभारंभ किया। पुरातन छात्रों को विभाग की 100 साल की यात्रा से रूबरू कराया जाएगा। विभाग की स्थापना से लेकर उपलब्धियां तक बताईं जाएंगी।
स्वतंत्रता भवन में समारोह में स्मारिका का विमोचन भी किया गया। विभाग के पुरातन छात्र और यूएस में एक कंपनी के सीईओ रमेश श्रीनिवासन ने कहा कि सफलता अचानक नहीं मिलती है, इसके लिए धैर्य रखना होता है। व्यक्ति के अंदर छिपी सद्भावना और उनके कार्य सफलता का माध्यम हैं। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर धैर्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के निदेशक प्रो. पीके जैन ने अतिथियों का सम्मान किया। रमेश श्रीनिवासन का आभार जताते हुए कहा कि वह 2019 में डोनेशन एकत्रित कर बनी आईआईटी फाउंडेशन के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। सबसे पहले संस्थान को 1.6 मिलियन यूएस डॉलर का अनुदान दिया जिससे छात्रों के लिए स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर की स्थापना हो सकी। अब तक पूरे विश्व से लगभग 80 करोड़ रुपये का अनुदान संस्थान को मिल चुका है। विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार मोहन ने उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में यूएस से प्रो. राजीव मिश्रा, ब्राजील से प्रो. पॉलो संतोष, प्रो. आरसी गुप्ता, शताब्दी समारोह आयोजन समिति के संयोजक डॉ. गिरिजा शंकर महोबिया मौजूद रहे।