पेट्रोल पंपों पर हाईटेक डिवाइस ही नहीं, तेल चोरी के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। जानकारों का दावा है कि शहर के अधिकतर पेट्रोल पंपों पर पांच से दस प्रतिशत तक घटतौली की शिकायतें सामने आती रही हैं।
अधिकतर पेट्रोल टंकियों पर लोगों के सामने ही तेल डालते समय नोजल ऑफ-आन कर घटतौली की जाती है। ग्राहक मीटर पर ही आंख गड़ाए रह जाता है। तकनीकी जानकारों के मुताबिक जिस नोजल से कर्मचारी पेट्रोल-डीजल डालते हैं, वह मीटर से जुड़ा होता है।
अगर मीटर में 100 रुपये का पेट्रोल फीड किया गया है तो एक बार नोजल का स्विच दबाने पर उतने का पेट्रोल डल जाएगा। नोजल ऑफ करने की कोई ज़रूरत नहीं पड़ती। स्विच सिर्फ मीटर को ऑन करने के लिए होता है उसका ऑफ से कोई संबंध नहीं होता क्योंकि मीटर, फीड की हुई वैल्यू खत्म होने पर अपने आप रुक जाता है।
पेट्रोल डालते समय नोजल का स्विच बंद कर दिया जाए तो भी मीटर चलता रहता है लेकिन पेट्रोल बाहर नहीं निकलता। इसी का फायदा उठाकर कर्मचारी घटतौली करते हैं। बीच-बीच में स्विच ऑफ कर देते हैं।
रखें ध्यान-
पेट्रोेल पंप पर जाएं तो तेल भराते समय एक बार मीटर की फीडिंग देखने के बाद कर्मचारी के नोजल वाले हाथ पर नजर रखें। वह एक बार नोजल ऑन करने के बाद दोबारा ऑफ-ऑन करे तो तत्काल आपत्ति करें।
आईटी एक्सपर्ट और एसटीएफ की मदद से रोकेंगे तेल का खेल
पेट्रोल पंप
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लखनऊ में चिप लगाकर हाईटेक तरीके से घटतौली का पर्दाफाश होने के बाद यहां भी पेट्रोल टंकियों पर तेल के खेल पर नकेल कसने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए आईटी एक्सपर्ट और एसटीएफ की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है।
वहीं लखनऊ में मामला पकड़ में आने के बाद पेट्रोल टंकियाें के कर्ता-धर्ता सतर्क हो गए हैं। हाईटेक तरीके से की जा रही घटतौली रोकना बाट-माप और आपूर्ति विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। वजह, आईटी एक्सपर्ट का न होना।
आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो आईटी एक्सपर्ट की तलाश की जा रही है ताकि यदि कहीं किसी मशीन में कोई डिवाइस लगाकर तेल की चोरी की जा रही हो तो उसे पकड़ा जा सके।
जिला आपूर्ति अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि जरूर पड़ी तो एसटीएफ से मदद मांगी जाएगी। सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। पेट्रोल टंकियों की जांच चलती रहेगी।
मिर्जामुराद पेट्रोल टंकी पर संयुक्त टीम का छापा
घटतौली की छानबीन के लिए आपूर्ति विभाग, बाट-माप विभाग और भारत पेट्रोलियम की संयुक्त टीम ने रविवार को मिर्जामुराद स्थित पेट्रोल पंप पर छापा मारा। यहां की तीन मशीनों के मदर बोर्ड का सील तोड़कर जांच की गई। हालांकि कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई।
प्रति पांच लीटर 20 एमएल पेट्रोल कम पाया गया, जो 25 एमएल की अनुमन्य सीमा के भीतर था। स्टैंप (सील) टूटने की वजह से जांच के बाद टंकी को बंद करा दिया गया। सोमवार को बाट-माप की सील लगने के बाद पेट्रोल पंप फिर चालू हो जाएगा। कम तेल निकलने पर नोजल की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।