संसाधनों की कमी का रोना रोने वाले नगर निगम के पास संपत्तियां तो बेहिसाब हैं, मगर उनकी सही देखरेख नहीं होने की वजह से वह कंगाल बना है। वर्षाें पहले लीज पर दी गई संपत्तियों की सुध अफसर नहीं लेते, यही कारण है कि कई संपत्तियों पर अवैध कब्जा तक हो गया है। वर्तमान में 967 संपत्तियों पर नगर निगम का दावा है, मगर किन पर उसका दावा मजबूत है अब तक यह आकलन नहीं किया जा सका है।
पिछले दिनों नगर निगम की परिसंपत्तियों को सूचीबद्ध करने में 967 को चिन्हित किया गया। इसमें सबसे ज्यादा कोतवाली वार्ड में नगर निगम की संपत्ति है। यदि एक-एक संपत्ति की औसत कीमत एक से 10 करोड़ के बीच रखी जाए तो इस हिसाब से नगर निगम शहर में खरबों की सपंत्ति का मालिक है। इसमें दो-चार संपत्तियां नगर निगम मुकदमों में हार भी गया है। मगर बाकी या तो लीज पर हैं या अवैध कब्जा है। यहां बता दें कि वर्षों पहले लीज समाप्त हो चुकी संपत्तियों के पट्टा रिन्युअल की कार्रवाई भी नगर निगम ने नहीं की है। इसमें हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय का लीज 2006 में समाप्त हो गई थी और अब तक उसका नवीनीकरण भी नहीं कराया जा सका।
ज्यादातर संपत्तियों की लीज हुई खत्म
नगर निगम के पास आठ वार्डों मे 967 परिसम्पत्तियां हैं, जिनमें 650 लीज पर हैं, जो लीज पर हैं उनमे अधिकांश की लीज समाप्त हो गई है, कुछ लीज तो निरस्त कर दी गई है, फिर भी जिसके पक्ष में लीज थी, उसका अवैध कब्जा बना हुआ है। यदि वार्डवार देखे तो कोतवाली वार्ड में 158, दशाश्वमेध वार्ड में 133, सिकरौल जिसमें शिवपुर व सारनाथ भी समाहित है, उसमें 131, भेलुपुर में 130, चेतगंज में 129, जैतपुरा में 103, चौक में 93 और आदमपुर में 90 परिसम्पत्तियां हैं। इसके अलावा शहर के सभी पार्क, तालाब, नदी, नालों का भी स्वामित्व नगर निगम के पास ही है।
अधिवक्ताओं ने की फ्री होल्ड की मांग
बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानन्द राय और वरिष्ठ अधिवक्ता मिलिंद श्रीवास्तव ने डायरेक्टर स्थानीय निकाय को पत्र लिखकर नगर निगम की अमूल्य परिसंपत्तियों को सहेजने और जिन संपत्तियों पर से लीज समाप्त हो गई है, उसे वापस अपने कब्जे में लेने की वकालत की है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जा है या तो उसे एकमुश्त कीमत लेकर फ्री होल्ड करने या उसे नगर निगम को स्वयं कब्जा लिया जाए।
नगर निगम से रिपोर्ट मांगी गई है और उन्हें कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया है। नगर निगम की संपत्तियों की सूची बनवाई जा रही है।-दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त