उत्पति दिवस गंगा सप्तमी पर काशी में पतित पावनी की अविरलता और निर्मलता के लिए जन प्रतिनिधियों और अफसरों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक ने गंगा स्वच्छता संकल्प दिवस के रूप में मनाया।
अस्सी घाट पर श्रमदान के बाद नमामि गंगे नृत्य नाटिका के जरिए गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने का संदेश दिया गया।
अस्सी घाट पर शाम छह बजे भारत माता और गंगा माता के चित्र पर पुष्पार्चन से स्वच्छता संकल्प दिवस शुरू हुआ। नमामि गंगे नृत्य नाटिका के जरिए कलाकारों ने गंगा के अवतरण से लेकर वेग शून्यता के स्तर तक पहुंचने की पीड़ा बयां की गई।
गंगा गीत में भी आर्त के भाव गूंजे। नमामि गंगे नृत्य में आजीवि त्रिपाठी, ज्योति गुप्ता, वैष्णवी सिंह, अलंकृता राज, सुकृति राय ने गंगा प्रदूषण के दर्द को नृत्य की थिरकन के जरिए प्रस्तुत किया।
इससे पहले तुलसी घाट पर गंगा विचार मंच के तत्वावधान में तीन सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने गंगा घाटों की सफाई की। सफाई के बाद स्वच्छता संकल्प रैली निकाली गई। तुलसी घाट से अस्सी घाट, डुमराव बाग, लंका होते हुए मालवीय घाट (नया अस्सी घाट) पर पहुंच कर रैली सभा में परिवर्तित हो गई।
यहां नगर आयुक्त श्रीहरिप्रताप शाही ने कहा कि जीवनदायिनी गंगा की धारा को स्वच्छ रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
राजघाट और दशाश्वमेध घाट पर भी गंगा स्वच्छता संकल्प दिवस के तहत श्रमदान किया गया। रोहनिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह औढ़े ने भी श्रमदान में हिस्सा लिया।