श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए घाटों की स्वच्छता प्राथमिकता है। अर्पण कलश से गंदगी कम होगी और गंगा की मर्यादा भी बनी रहेगी। श्री काशी विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरुप के बाद काशी में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। लाखों भक्त प्रतिदिन दर्शन और गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं, जिससे घाटों पर सफाई का दबाव बढ़ा है। यह कदम कचरा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक होगा। पहले चरण में अस्सी घाट सहित छह प्रमुख घाटों पर अर्पण कलश लगाए जा रहे हैं। इनमें दशाश्वमेध, राजघाट, पंचगंगा घाट, केदारघाट और सिंधिया घाट शामिल हैं। इन घाटों पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इसके बाद दूसरे घाटों पर अर्पण कलश लगाए जाएंगे। श्रद्धालु सीधे इन सामग्रियों को अर्पण कलश में डाल सकेंगे। यदि कोई श्रद्धालु अनजाने में कुछ छोड़ देता है, तो सफाईकर्मी उसे उठाकर कलश में रखेंगे। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि गंगा घाटों की सुंदरता बनी रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।