हस्तकला संकुल का निरीक्षण करने के बाद बाहर निकलते राज्यमंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह
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इसे प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग वाराणसी द्वारा किया गया है। पीएम मोदी ने इसका शिलान्यास 22 दिसंबर 2016 को किया गया था। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, आसपास के सात राच्यों तथा नेपाल की जरूरतमंद करीब 20 करोड़ आबादी को उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा।
अस्पताल में रेडियोलॉजी, न्यूरो विज्ञान, न्यूरो शल्य चिकित्सा, गैस्ट्रो, किडनी, मधुमेह, जलने से संबंधित इलाज, प्लास्टिक सर्जरी और हृदय रोग में सुपर स्पेशिलिटी सेवाएं आदि क्षेत्र में जटिल रोगों का इलाज प्रदान करेगा । अब तक इस क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों में जाकर इलाज के लिए भटकना पड़ता था किन्तु अब इस अस्पताल के निर्माण से इस क्षेत्र के करोड़ों लोगों को उच्च स्तर की सेवाएं बिना कहीं दूर गये एवं प्राप्त होंगी। सुविधा न्यूनतम लागत पर प्राप्त होंगी।
साथ ही वर्तमान में बीएचयू में चल रहे चिकित्सा विज्ञान संस्थान को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अस्पतालों के समकक्ष बनाने में काफी सहयोग प्राप्त होगा। नवनिर्मित सात मंजिला अस्पताल पूरी तरह वातानुकूलित हैं जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 37000 वर्गमीटर है। इसमें 430 बेड, 13 अत्याधुनिक आपरेशन थियेटर, ओपीडी इत्यादि जैसी सुविधाएं मरीजों को प्राप्त होगीं। अस्पताल के निर्माण से अध्ययन एवं शोध को भी बढ़ावा मिलेगा। अस्पताल का निर्माण बीएचयू परिसर के अंदर होने के कारण समीप में चल रहे अन्य अस्पतालों जैसे टाटा कैंसर अस्पताल के साथ भी समन्वय स्थापित होगा।