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धर्मगुरुओं को शाल न ओढ़ाएं, थमाएं मशाल

Sun, 29 Mar 2015 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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वाराणसी। प्रख्यात संत मोरारी बापू ने शनिवार को रामकथा के आखिरी दिन कहा, यह दौर धर्मगुरुओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित करने का नहीं, बल्कि उन्हें मशाल थमाने का है। जब तक धर्मगुरु मशाल लेकर नहीं निकलेंगे तब तक समाज में बदलाव नहीं आएगा।
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उन्होंने गुरुओं को शिष्यों से सावधान रहने की भी सलाह दी। कहा कि गुरु बचकर नहीं रहे तो चेले उन्हें बीच बाजार में बेचने में भी नहीं हिचकेंगे। जल-थल शव वाहिनी के लोकार्पण के बाद संत मोरारी बापू ने कहा कि सबके अपने राम, कृष्ण और कर्ण होते हैं।

देखने और निर्वाह करने का नजरिया और तरीका अलग होता है। संत ने महात्वाकांक्षी व्यक्तियों से हमेशा दूर रहने की सलाह दी। कहा कि महात्वाकांक्षा की भूख निकट आने वाले का नाश्ता कर जाती है। इसलिए जिसके मन में महात्वाकांक्षा हो उसे निकट नहीं आने देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि गुरुओं को चेले कब बेच दें, कहा नहीं जा सकता। इसलिए गुरुओं को सावधान रहना चाहिए। बताया कि एक बार जीसस को उनके शिष्यों ने चांदी के 30 सिक्के में बेच दिया था। अब तो गुरुओं का दाम लगाना और आसान हो गया है।

उन्होंने शेर पढ़ा- वो सिरफिरी हवा से संभलना पड़ा मुझे/मैं आखिरी चिराग था जलना पड़ा मुझे...। कहा कि जलना आखिरी चिरागों की मजबूरी होती है। उन्हें तूफान से लड़कर भी जलना ही चाहिए। व्यास पीठ की आरती भोजपुरी फिल्म स्टार मनोज तिवारी मृदुल, केशव जालान, कृष्ण कुमार जालान, भगीरथ जालान, अशोक अग्रवाल ने की।

अस्सी घाट के विकास के लिए संत मोरारी बापू ने शनिवार को 11 लाख रुपये देने की घोषणा व्यास पीठ से की। उन्होंने कहा कि यह रकम चेक के रूप में प्रधानमंत्री को या उनके  निर्देश पर किसी सक्षम अधिकारी को दी जाएगी, ताकि सदुपयोग हो सके। बापू ने कथा शुरू करने से पहले बताया कि कश्मीर घाटी की आपदा के पीडि़तों की मदद के लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये और केदारनाथ त्रासदी के प्रभावितों की मदद के लिए 10 करोड़ रुपये दिए थे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके घर जाकर सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने के केंद्र सरकार के कदम की संत मोरारी बापू ने सराहना की। उन्होंने अटल जी को राजनीति का राजर्षि बताया। कहा कि सरकार को ऐसी विनम्रता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने महामना को 30 मार्च को भारत रत्न दिए जाने के फैसले पर भी केंद्र सरकार को बधाई दी। 
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