लॉन संचालक द्वारा तोड़ा गया रेलिंग
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बनारस में साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों को को सुरक्षित चलने के साइकिल ट्रैक बनाया गया था। जिस पर लॉन संचालक और दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। कहीं पर तो ऑटो स्टैंड संचालित हो रहा है।
लॉन संचालक साइकिल ट्रैक लगे पिलर को उखाड़ कर फेंकने के साथ समतल कर रहे है ताकि उनके लॉन के सामने और जगह बढ़ जाए और वह जमीन को कब्जा कर सकें।
पिछली सपा सरकार में वीडीए ने डेढ़ करोड़ की अधिक लागत से बड़ालालपुर में पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल मार्ग और आशापुर से पंचक्रोशी मार्ग पर बनवाया था। ताकि रोड के किनारे साइकिल सवार सुरक्षित चल सके। रखरखाव और देखरेख के अभाव में पत्थर के लगे पिलरों को उखाड़ा जा रहा है।
शनिवार को थाना सारनाथ क्षेत्र के चंद्रा चौराहे के समीप एक लॉन संचालक मजदूरों से ट्रैक पर लगे पिलर को उखाड़कर सड़क किनारे फेंकवा रहे थे। नागरिकों ने इसका विरोध किया तो संचालक धमकाने लगा। नागरिकों की शिकायत पर पुलिस पहुंची लेकिन खानापूर्ति कर चली गई।
इससे क्षेत्रीय नागरिकों में आक्रोश है। बड़ालालपुर में तो हस्तकला संकुल के चलते वहां साइकिल ट्रैक कुछ सुरक्षित बचा है मगर आशापुर में पिलर उखड़ गए। इंटरलाकिंग खराब हो गई। अब उस जगह पर जगह-जगह दुकानें सज गई।
करीब 80 लाख रुपये की लागत से आशापुर से पंचक्रोशी तक पाथवे बनवाया गया था। सूबे में सरकार बदलने के बाद इसे कोई देखने वाला नही है। वीडीए भी अब इसकी निगरानी नहीं करता।