प्रवासी मेहमानों के लिए होने वाला प्रवासी भारतीय सम्मेलन की विधिवत शुरुआत भले ही नए साल में 21 जनवरी को होगी, मगर इसके एक दिन पहले 20 जनवरी को गंगा आरती के साथ ही इस सम्मेलन की अनौपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
सम्मेलन के लिए प्रवासी 20 जनवरी को वाराणसी पहुंच जाएंगे। ऐसे में रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से स्वागत समिति के सदस्य मेहमानों को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती में शामिल कराएंगे। प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों के लिए विदेश मंत्रालय के साथ स्थानीय प्रशासन की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए आवास, यातायात, खानपान सहित अन्य व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी तय कर ली गई है। इसमें ऐढ़े गांव में विकसित होने वाले अटल नगर में अलग अलग क्षेत्र बनाए जाएंगे।
इसमें प्रवासी ग्राम, खादी ग्राम और गांधी ग्राम होगा, इसमें वाराणसी के जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी, खादी वस्त्रों का मेला आयोजित होगा। आवासीय व्यवस्था में रिंग रोड के किनारे डेढ़ हजार मेहमानों के रुकने की व्यवस्था होगी। इसके लिए यहां स्विस काटेज बनाए जाएंगे।
इसके अलावा शहर के होटल में 3500 कमरों की व्यवस्था की जा रही है। एक हजार लोगों को काशी आतिथ्य के तहत घरों में ठहराने की व्यवस्था है। इसके अलावा हस्तकला संकुल और उसके मैदान में देश व विदेश के वीआईपी ठहरेंगे।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल का कहना है कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन 21 जनवरी से होगा, मगर यहां आने वाले मेहमान 20 जनवरी को वाराणसी पहुंच जाएंगे। ऐसे में उन्हें गंगा आरती में शामिल कराकर काशी आतिथ्य दिया जाएगा।