अब पूरे उत्तर प्रदेश में सफाई व्यवस्था निजी कंपनियों के हाथ में होगी। इसके लिए लखनऊ स्तर से पूरे प्रदेश का टेंडर एक साथ किया गया है। बनारस सहित प्रदेश के शहरों में अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। नगर निगम के स्तर पर सफाई के काम की मॉनिटरिंग की जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि नई व्यवस्था में सफाई का काम हाईटेक तरीके से किया जाएगा। काशी में सीवर सफाई की व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह सीवर जाम हैं। नगर विकास विभाग ने पूरे प्रदेश के सभी नगर निगमों में सीवर सफाई व्यवस्था को लेकर एक साथ टेंडर किया है। इसमें वाराणसी नगर निगम भी शामिल है।
सफाई के साथ ही मरम्मत और संचालन का काम भी यही कंपनी देखेगी। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि टेंडर लेने वाली कंपनी मशीनों से सिल्ट निकालने और टूट-फूट की मरम्मत का कार्य भी करेगी।
वाराणसी में सीवर सफाई का काम 14 लाख रुपये मासिक खर्च पर स्थानीय ठेकेदार करते थे। बाद में इसका ठेका 40 लाख रुपये मासिक में एक कंपनी लग्जरा को दे दिया गया। कंपनी को ठेका देने के बाद अधिकतर इलाकों में सीवर सफाई का काम पूरी तरह ठप्प हो गया। कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर उस पर कार्रवाई की जा रही है। अब फिर नई कंपनी को टेंडर दिए जाने पर लोगों में संशय की स्थिति है।