इस बार सरकार ने क्रय नीति में बदलाव किया है। परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए धान और चावल की ढुलाई करने वाले वाहनों में जीपीएस लगाए जाएंगे।
जिले में इस बार 73 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद के लिए 75 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर धान की खरीद चल रही है। क्रय केंद्रों से धान को राइस मिलों तक पहुंचाने के लिए परिवहन कार्य में ठेकेदारों द्वारा ट्रकों को लगाया गया है। पहले राइस मिलों तक साधारण ट्रकों से धान पहुंचाया जाता था। ऐसे में केद्र प्रभारी और मिलर्स के बीच कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगते थे। केंद्र प्रभारियों का कहना रहता था कि केंद्र पर तौले गए धान व मिलों पर पहुंचने वाले खेप के तौल में अंतर आ जाता है।
दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह थी कि कई ट्रक समय से मिलों तक नहीं पहुंचते थे। इससे क्रय केंद्र से भेजे जाने वाले धान के दिन व समय की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी। शासन ने खरीद की सभी व्यवस्था को ऑनलाइन पहले ही कर दिया है। अब क्रय केंद्रों से मिलों तक धान की ढुलाई और मिलों से मिलने वाले चावल की एफसीआई में आपूर्ति करने वाले वाहनों में जीपीएस लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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राइस मिलों तक धान और फिर वहां से गोदाम में चावल की आपूर्ति करने वाले वाहनों में जीपीएस लगाने का निर्देश है। ठेकेदारों के माध्यम से अब तक 68 ट्रकों में जीपीएस लगाया जा चुका है। इससे धान और चावल की ढुलाई के समय परिवहन सेवा पर नजर रखी जा सकेगी। -अंशुमाली शंकर, डिप्टी आरएमओ।