बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज जहां मुस्लिम बहुल आजमगढ़ जिले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर जमकर हमला बोला वहीं उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को भी रिझाने का प्रयास किया। मायावती ने कहा कि अमित शाह जैसा कोई कसाब नहीं है।
आजमगढ़ में आयोजित रैली में मायावती ने कहा कि अबतक के चुनाव से जो संकेत मिल रहे है उससे बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बना रही है। भाजपा दूसरे या तीसरे स्थान पर आने के लिए चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि अमित शाह का 'कसाब' कहना शर्मनाक है। अमित शाह जैसा कोई 'कसाब' नहीं है। भाजपा के गुरु-चेला मोदी और शाह के बुरे दिन आने वाले हैं। कहा कि सपा के बबुआ को कोई बचा नहीं पायेगा।
कहा कि सपा के गुंडों को जेल भेजा जाएगा। जिन बेकसूरो को अपराधी बना कर जेल भेजा गया है, सरकार बनने पर जांच करा कर उन्हें छोड़ा जाएगा। किसानों की बकाया राशि का भुगतान करा दिया जाएगा।
भाजपा मतलब जुमलेबाज पार्टी : मायावती
मायावती
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण की वोटिंग हो रही है। इसमें बसपा को अधिकतर वोट पड़ रहा है। दावा किया कि आगे के दो चरणों में बीएपी को वोट पड़ेगा। पार्टी 300 सीट जितेगी। बसपा की अपने बलबूते सरकार बनेगी।
उन्होंने जनता से अपील की कि विरोधी पार्टी को वोट न देकर बसपा को वोट दें। कहा कि सपा के 5 और भाजप के करीब तीन साल के शासन में इनकी गलत नीतियों से जनता में आक्रोश है। भाजपा में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने की हिम्मत नहीं है। सपा अपराध, भ्रष्टाचार का प्रतीक है।
मायावती ने कहा कि पूरे प्रदेश में चोरी, डकैती, महिला उत्पीड़न, दंगे हो रहे हैं। चुनाव में भी ऐसी घटनाएं हो रही है। विकास के काम भी अधुरे हैं। सपा ने जो भी काम किए हैं, उसकी शुरुआत बसपा शासन में ही हो गई थी। कहा कि सरकारी अधिकारी थोक में बदलते रहे हैं।
दावा किया कि इस चनाव में सपा नेता ने पुत्र मोह के चलते शिवपाल का विरोध किया है। सपा का वोट दो खेमो में बंट जाएगा। अगर सपा को वोट देंगे तो वोट बेकार जाएगा। बसपा को वोट देना है। दलित वोट एकजुट है। मुस्लिम समुदाय के लोगों का समर्थन मिलने से मजबूती मिली है।
कहा कि नोटबंदी और वादाखिलाफी के चलते लोग भाजपा को वोट देने वाले नही है। आरोप लगाया कि विदेश से काला धन लाकर गरीबों के खाते में डालने का वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया। भाजपा की सरकार बने पौने तीन साल हो गए हैं, किसी किसान का कर्ज माफ नहीं हुआ।
भाजपा को लोग जुमलेबाज पार्टी कहने लगे हैं। तीन माह पहले कालाधन रोकने के लिए बड़े नोटों को बंद किया गया जिससे लोग बेरोजगार हुए। लोग आज भी परेशान हैं। भाजपा ने अपने लोगों के रूपये ठिकाने लगवा दिया।