दुबई के बाद अब लंदन वाले भी बनारसी आम का स्वाद चखेंगे। दरअसल, बनारसी आम की पहली खेप रविवार को राजातालाब के कार्गों सेंटर से रवाना होगी। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के प्रयास से काशी के आम उत्पादक किसानों के फसलों का विदेशों में निर्यात होगा। जो कि कोरोना काल और प्राकृतिक आपदा की मार झेल चुके किसानों के लिए संजीवनी का काम कर रहा है।
एपीडा के सहायक महाप्रबंधक सीबी सिंह ने बताया कि विदेशों में सब्जियों के निर्यात के बाद पहली बार विदेशों में आम का निर्यात किया जा रहा है। पहली खेप में तीन टन लंगड़ा और दशहरी आम 28 मई को दुबई भेजा गया था। इसी क्रम विदेश के लिए दूरी खेप में एक कंटेनर रविवार को राजातालाब कार्गो सेंटर से लखनऊ और लखनऊ से लंदन के बाजार में पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनपद के 44 किसान अब तक एपीडा में पंजीकृत हैं। जो अपना उत्पाद विदेशों में निर्यात कर रहे हैं। भिखारीपुर के किसान शार्दुल विक्रम चौधरी ने बताया कि रविवार को उनके बगीचे का डेढ़ टन आम लंदन के लिए रवाना होगा। इससे पहले तीन टन आम शार्दुल दुबई भेज चुके हैं।
जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि जनपद में 1000 से 800 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में आम के पेड़ और बाग हैं। जिनमें 70 से 80 क्विंटल आम के उत्पादन होने की संभावना है।