वाराणसी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने बीएचयू को दो और मशीनें देने का निर्णय लिया है। इससे कोरोना के 100 सैंपल की एक दिन में जांच हो सकेगी। इसी सप्ताह बीएचयू में मशीन आ जाएगी और जांच भी शुरू हो जाएगी। बीएचयू के माइक्रोबायोलाजी विभाग में अब तक एक मशीन से दिन में केवल 20 से 30 सैंपल की जांच हो रही थी।
कोरोना वायरस के जांच के लिए प्रदेश सरकार ने यूपी में केजीएमयू, एएमयू और आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलाजी विभाग स्थित वीडीआरएल लैब को जांच की जिम्मेदारी दी है। बीएचयू स्थित लैब में अब तक एक मशीन ही है जहां बनारस, आजमगढ़, मऊ, बिहार, मिर्जापुर, चंदौली समेत अन्य जिलों से 44 लोगों के सैम्पल की जांच हो चुकी है, इसमे 43 की रिपोर्ट निगेटिव जबकि एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
पिछले दिनों डीएम कौशल राज शर्मा ने सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह के साथ बीएचयू जाकर वहां बीएचयू अधिकारियों के साथ बैठक कर सुविधाओं का जायजा लिया था, इसमे जांच के लिए मशीनें बढ़ाने पर भी फैसला हुआ था। बीएचयू माइक्रोबायोलाजी विभाग के प्रोफेसर गोपाल नाथ ने बताया कि मशीनों के आने की औपचारिकता पूरी हो चुकी है, बस दो-तीन दिन में मशीन आ जाएगी। इसके बाद एक दिन में 100 सैम्पल की जांच हो सकेगी।
बीएचयू में छह मंडल के 19 जिले की हो रही जांच
बीएचयू स्थित माइक्रोबायोलाजी लैब में प्रदेश के छह मंडल के 19 जिलों के जांच की जिम्मेदारी है। इसमें वाराणसी मंडल, आजमगढ़ मंडल, गोरखपुर मंडल, बस्ती मंडल, मिर्जापुर मंडल और प्रयागराज मंडल के जिले शामिल है। प्रोफेसर गोपाल नाथ ने बताया कि यहां से आने वाले सैंपल की जांच और रिपोर्ट बीएचयू से ही दिए जाएंगे।