अन्न और वैभव प्रदान करने वाली मां अन्नपूर्णा के अन्नक्षेत्र का नन्हा पौध अब वटवृक्ष बन चुका है। माता के दरबार में आम श्रद्धालुओं को जहां निशुल्क भोजन मिलता है, वहीं छात्रों को निशुल्क शिक्षा। इसके साथ ही रजत जयंती वर्ष में माता अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की ओर से गरीबों और असहायों के लिए निशुल्क भोजन व्यवस्था की शुरूआत हो रही है। यह भोजन देर रात गरीबों व असहायों तक पहुंचाया जाएगा।
महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र अपनी रजत जयंती वर्ष में गरीबों और असहायों तक मां अन्नपूर्णा का प्रसाद पहुंचाएगा। रात्रि 11 से दो बजे तक शहर के विभिन्न जगहों पर अन्नक्षेत्र की ओर से भोजन का इंतजाम किया जाएगा। काशी आने वाले साधु-सन्यासियों की सेवा के लिए बांसफाटक में नया भवन लिया गया है। इसमें सन्यासियों के लिए भोजन का इंतजाम रहेगा। इसकी शुरूआत भी जल्द की जाएगी। महंत ने बताया कि बालाजी बाजीराव पेशवा ने 1725 में मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर के महंत की अध्यक्षता में दो अक्तूबर 1997 को श्री अन्नपूर्णा फ्री फूड चैरिटेबल सोसायटी का गठन किया गया। इसमें गरीब, वेदपाठशाला विद्यार्थी, साधु-संत और दर्शनार्थियों के लिए मां अन्नपूर्णा देवी का प्रसाद निशुल्क भोजन के रूप में वितरण करने का शुभारंभ किया गया।
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रोजाना 20 हजार लोग करते हैं भोजन
अन्नदान योजना के विस्तार के लिए काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना एक जुलाई 1999 को हुई। इसके तहत रोजाना सुबह 7:30 बजे से रात 10:30 बजे तक निशुल्क जलपान एवं भोजन की व्यवस्था की गई। वर्तमान में रोजाना 20 हजार लोग यहां भोजन करते हैं।
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350 बच्चों को मिल रही है शिक्षा
निशुल्क वेद विद्या एवं संस्कृत शिक्षा की शुरूआत 25 छात्रों से 1999 में हुई थी। वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 350 गरीब ब्राह्मण छात्रों को नियमित रूप से मुफ्त सुविधाओं के साथ आधुनिक कंप्यूटर की शिक्षा और वेद की शिक्षा दी जा रही है।
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सेवा के हैं ढेर सारे निशुल्क प्रकल्प
काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वृद्धाश्रम के साथ ही निशुल्क चिकित्सालय का संचालन भी किया जाता है। निशुल्क चिकित्सालय में रोजाना दो सौ से ढाई सौ मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है। ट्रस्ट की ओर से सालाना दो सौ गरीब कन्याओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया जाता है और पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर सिलाई मशीन उपहार में दी जाती है। इसके अलावा निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र में हर साल 160 युवक-युवतियों को प्रशिक्षित किया जाता है।