बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में अब दिव्यांग मरीजों को पंजीकरण और चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से जहां पंजीकरण के लिए अलग एप बनाया जाएगा, वहीं हर ओपीडी में पहले पांच मरीज दिव्यांगजन ही देखे जाएंगे।
दिव्यांग सोसाइटी ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. उत्तम ओझा की पहल के बाद ये कदम उठाया गया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा उन मरीजों को दिक्कत होती हैं जो शारीरिक रूप से विकलांग होते हैं। पंजीकरण के साथ ही ओपीडी में दिखाने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
सर सुंदर लाल अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए विशेष सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू किया जाएगा।
दिव्यांगों के लिए अलग से ऐप बनने के बाद उनको पंजीकरण में आसानी होगी। ओपीडी में दिव्यांगजनों के लिए अलग से कुर्सी आरक्षित रहेगी। भर्ती की दशा में सभी वार्डों का पहला बेड उनके लिए आरक्षित होगा। अब तक अस्पताल में दिव्यांगजनों के लिए अलग टॉयलेट सुविधा नहीं है, ऐसे में आगामी छह महीनों में दिव्यांग फ्रेंडली टॉयलेट बनवाया जाएगा।