इनामी बदमाश दीपक गुप्ता हाल के वर्षों में अंबेडकर नगर में ज्यादा सक्रिय था। साथ ही वाराणसी में फूलपुर क्षेत्र में भी उसका आना-जाना लगा रहता था। फूलपुर क्षेत्र में नई उम्र के वह बदमाश उसके संपर्क में रहते थे, जो जौनपुर तक सक्रिय हैं।
भदोही जिले की पुलिस के अनुसार, दीपक के दोनों भाई भी आपराधिक प्रवित्ति के हैं। एक भाई की मौत हो चुकी है, मंगलवार की सुबह दीपक मारा गया और तीसरा भाई भी आधा दर्जन से अधिक मुकदमों का आरोपी है। पुलिस के अनुसार, डेढ़-दो साल से दीपक चित्रकूट जेल में बंद झुन्ना पंडित गिरोह के संपर्क में था।
झुन्ना गिरोह के बदमाशों की मदद से वह रिंग रोड और हाइवे के किनारे के गांवों में जमीन खरीद-बिक्री का काम करता था। मोबाइल से बहुत कम बातचीत करने वाले दीपक के एक करीबी ने ही उसके सुरियावां क्षेत्र में मौजूद होने का संकेत सोमवार को पुलिस को दिया था।
इसके बाद भदोही क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय सिंह व उनकी टीम के सचिन झा सहित अन्य और सुरियावां थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने चेकिंग शुरू की। पुलिस दीपक को पकड़ कर उसके गिरोह के बारे में जानकारी जुटाना चाहती थी, लेकिन उसने फायरिंग कर आफत मोल ले ली। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दीपक मारा गया।