बीएचयू के आयुर्वेद संकाय स्थित काय चिकित्सा विभाग के ओर से बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन वात व्याधि एवं पुरा छात्र सम्मेलन काशी काय संगमम 2026 का शुभारंभ हुआ। मंचकला संकाय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में इस उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि एआई स्वस्थ भारत की नई गाथा लिखेगा। देशभर से आए प्रख्यात शिक्षाविद और संस्थान के पूर्व छात्र शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य काय चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए शोधों पर चर्चा करना और आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञानधारा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना रहा।
मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि किसी भी विवि के पूर्व छात्र उसके सच्चे ब्रांड एंबेसडर होते हैं। उन्होंने बताया कि विवि स्तर पर पूर्व छात्रों के साथ संवाद बेहतर बनाने के लिए आचार्य प्रभारी (एलुमनाई अफेयर्स) की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आयोजन समिति की शैक्षणिक गंभीरता और उत्सव के संगम की सराहना की। विशिष्ट अतिथि और चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सत्य नारायण संखवार ने आयुर्वेद को मानवता की अमूल्य विरासत बताया। उन्होंने पूर्व छात्रों से निरंतर अपने संस्थान और शिक्षकों के साथ जुड़े रहने की अपील की। संकाय प्रमुख प्रो. प्रदीप कुमार गोस्वामी ने आयुर्वेद के विकास क्रम पर चर्चा की।
कुलपति और निदेशक ने विशिष्ट पूर्व छात्रों को सम्मानित किया। आयोजन अध्यक्ष प्रो. जेएस त्रिपाठी ने बताया कि सम्मेलन में 18 राज्यों के लगभग 300 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन की स्मारिका और डॉ. अजय कुमार पांडेय की पुस्तक का लोकार्पण भी हुआ। स्वागत उद्बोधन प्रो. केएन मूर्ति ने दिया जबकि संयोजन काय चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने किया। आयोजन सचिव प्रो. ओपी सिंह ने अतिथियों का आभार जताया।