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कुख्यात बनारसी: पट्टीदार को 15 गोली मारकर की थी पहली हत्या, ज्यादा वारदात गाजीपुर में की; मौत से सहमे गुर्गे

Thu, 05 Feb 2026 11:29 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Banarasi Yadav Encounter: वाराणसी के चर्चित कॉलोनाइजर महेंद्र हत्याकांड में एसटीएफ और पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुख्यात बनारसी यादव के ढेर हो जाने के बाद जमीन कारोबारियों के साथ ही पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
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आरोपी बनारसी यादव। - फोटो : अमर उजाला
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Varanasi News: कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या में वांछित शूटर और एक लाख के इनामी बनारसी यादव के ढेर होने के बाद जमीन कारोबारियों ने राहत की सांस ली। बनारसी के निशाने पर सबसे अधिक जमीन कारोबारी रहते थे। 

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रंगदारी और भाड़े पर हत्या के लिए कुख्यात बनारसी ने 2002 में पहली हत्या जमीन कारोबारी अपने पट्टीदार संतोष यादव की 15 गोली मारकर की थी। जमीन कारोबार से जुड़े कमलदेव यादव की 2010 में हत्या, देवकली में डबल मर्डर तक की वारदात की थी। गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी यादव का शव पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंपा।

एसटीएफ वाराणसी यूनिट के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 2002 में बनारसी ने भाई के साथ मिलकर पट्टीदार संतोष यादव पर अंधाधुंध फायरिंग की। लगभग 15 गोली मारकर उसकी हत्या की। 2005 में उसने साथी सुनील यादव के साथ मिलकर चोलापुर क्षेत्र में टायर एजेंसी के मैनेजर की गोली मारकर हत्या की थी।  2006 में चोलापुर क्षेत्र में भैयालाल यादव की गोली मारकर हत्या की थी। जमीन कारोबार से जुड़े कमलदेव यादव की 2010 में दुस्साहसिक तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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एसटीएफ ने की कार्रवाई

एसटीएफ के निरीक्षक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बनारसी यादव का अचूक निशाना था। हत्या वह पलक झपकते कर देता था। गाजीपुर, वाराणसी पुलिस के लिए सिरदर्द बने बनारसी का नाम तब और उछला जब 2015 में साथियों के साथ मिलकर गाजीपुर के देवकली ब्लॉक के पास दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी थी।

फायरिंग में एक युवक गंभीर रूप से घायल भी हुआ था। घटना के बाद से बनारसी फरार था। गाजीपुर पुलिस ने बनारसी यादव पर 50,000 का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ वाराणसी की टीम ने बनारसी को छह जून 2022 को वलसाड (गुजरात) से गिरफ्तार किया था। सात साल तक वह फरारी के दौरान भी वारदात करता रहा।
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तीन साल में दूसरी बार गरजी एसटीएफ की बंदूक
यूपी एसटीएफ की बंदूक वाराणसी में तीन साल के अंदर दूसरी बार गरजी। एक लाख का इनामी गाजीपुर निवासी बनारसी यादव को एनकाउंटर में ढेर करने से पहले एसटीएफ ने कुख्यात बदमाश और दो लाख इनामी मनीष सिंह सोनू को मार्च 2022 में लोहता में मार गिराया था। 

रोहनिया में प्रॉपर्टी कारोबारी व पत्रकार एनडी तिवारी हत्याकांड में शूटर के तौर पर लंका के नरोत्तमपुर निवासी मनीष ने ही गोली मारकर हत्या की थी। 5 अप्रैल 2021 में शूलटंकेश्वर के पास एनडी तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 14 सितंबर 2021 में एसटीएफ ने कुख्यात गैंगस्टर एक लाख के इनामी दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू को चौबेपुर के बरियासनपुर में मुठभेड़ में मार गिराया था। 

बागपत जेल में मारा गया मुन्ना बजरंगी गिरोह का शार्प शूटर दीपक वर्मा शहर के नामी चिकित्सकों से रंगदारी वसूलने और सुपारी लेकर हत्या के लिए कुख्यात था। लक्सा के रामापुरा क्षेत्र निवासी दीपक वर्मा के एनकाउंटर के बाद मनीष सिंह सोनू अकेला पड़ा था। दीपक और सोनू ने साथ में कई वारदात की। पहले दीपक फिर मनीष सिंह सोनू को ढेर किया गया।

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