वाराणसी। ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव की आत्महत्या की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को नोटिस जारी कर आठ सवालों के जवाब तीन दिन में देने को कहा है। वहीं, फरार चल रहे पीडब्ल्यूडी के एई एसडी मिश्रा की तलाश में कैंट पुलिस ने वाराणसी से लेकर लखनऊ तक छापेमारी की, लेकिन पता नहीं लगा। वह परिवार के सदस्यों के साथ भूमिगत हैं। पुलिस के अनुसार, एई के विंध्यवासिनी नगर स्थित घर पर नोटिस चस्पा कर एसआईटी के सामने पेश होने को कहा गया है। एई के सामने नहीं आने पर तीन दिन बाद अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर गैर जमानती वारंट जारी कराया जाएगा।
नदेसर स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में 28 जुलाई को चीफ इंजीनियर अंबिका सिंह के कार्यालय में गोली मार कर ठेकेदार अवधेश ने खुदकुशी कर ली थी। अवधेश को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेई मनोज सिंह और एई आशुतोष सिंह को गिरफ्तार कर 31 अगस्त को पुलिस ने जेल भेजा था। प्रकरण में चीफ इंजीनियर सहित छह अन्य नामजद के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ठेकेदारों और अवधेश के परिजनों के भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों के आधार पर पुलिस ने एई एसडी मिश्रा की तलाश शुरू की, लेकिन कहीं पता नहीं लगा। सीओ कैंट डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि छह नामजद आरोपियों को एसआईटी के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता के तहत नोटिस जारी किया गया है। एई एसडी मिश्रा की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं।
इन सवालों के मांगे जवाब
- लोक निर्माण विभाग की नियमावली
- कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों का पदवार विवरण
- पदवार कार्य वितरण
- ठेकेदार अवधेश के लंबित भुगतान से संबंधित कार्य
- ठेकेदार अवधेश के लंबित भुगतान से संबंधित कार्योें की मौजूदा स्थिति और भुगतान संबंधी अभिलेखों की सत्यापित प्रति
- ठेकेदार अवधेश के लंबित भुगतान से संबंधित कार्यों से अब तक कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी जुड़े रहे
- ठेकेदार अवधेश के लंबित कार्यों के वर्क आर्डर
- ठेकेदार अवधेश द्वारा पीडल्यूडी से किए गए पत्राचार की प्रतियां
ऊंची पहुंच के कारण दो बार रुका एई का तबादला
एई एसडी मिश्रा की पीडब्ल्यूडी के साथ ही प्रशासन के आला अफसरों और नेताओं तक तगड़ी पैठ है। पुलिस की जांच में सामने आया कि लंबे समय से बनारस में टिके एई मिश्रा का बीच में दो बार तबादला हुआ था। हालांकि बनारस से लखनऊ तक पहुंच होने के कारण दोनों बार तबादला रुक गया। जिले और मंडल के पुलिस और प्रशासन के आला अफसर भी पीडब्ल्यूडी में सिर्फ एई मिश्रा को ही जानते हैं।
मौत के दृश्य का नाट्य रूपांतरण जल्द
ठेकेदार अवधेश की मौत के दृश्य का नाट्य रूपांतरण जल्द किया जाएगा। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इसके लिए लखनऊ एफएसएल टीम को पत्र भेज दिया गया है। नाट्य रूपांतरण में एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र और उनकी टीम एफएसएल की टीम का सहयोेग करेगी। एफएसएल की रिपोर्ट को दर्ज मुकदमे की विवेचना में शामिल किया जाएगा।
ऑनलाइन विवरण दर्ज करने में की हेराफेरी
एसआईटी की तफ्तीश में सामने आया है कि पीडब्ल्यूडी के ठेकों और उनके भुगतान से संबंधित विवरण को निर्धारित वेबसाइट में दर्ज करने में अनियमितता बरती जाती रही। ऐसा ही मेजरमेंट बुक को लेकर किया गया और अभियंता साइट का निरीक्षण नहीं करते। फर्जी बिलों के सहारे भुगतान कराए गए और उन्हें लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों ने कभी आपत्ति नहीं जताई।