उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य एवं प्रबंधक ने नियम विरुद्ध तरीके से अपने चहेते शिक्षकों को प्रबंध समिति एवं वित्त समिति में शामिल कर छात्राओं की कमी होने और महाविद्यालय की वित्तीय स्थित ठीक न होने का कारण बताकर सेवा समाप्ति का पत्र व्हाट्सएप पर भेज दिया। इससे हम पर घोर वित्तीय संकट और मानसिक दबाव से आत्महत्या करने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
नियम विरुद्ध तरीके से कराया जा रहा भुगतान
शिक्षक व कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय के समस्त कार्य नियम विरुद्ध एक एजेंसी से करवाए जा रहे हैं। उसका अनुबंध टेंडर किसी समाचार पत्र में नहीं कराया गया और लाखों का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने विधायक से अनुरोध किया कि महाविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए। सभी प्रबंधकीय शिक्षकों को सेवामुक्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार कर उन्हें बहाल किया जाए।
इनकी भी सुनें
महाविद्यालय की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। विचार-विमर्श करने के बाद नियमानुसार ही शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवामुक्त करने की नोटिस जारी किया गया है।
- दीपक अग्रवाल, अध्यक्ष, श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज