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ऑनलाइन बुकिंग में ‘नो स्लॉट’ ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी

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बीएचयू अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी बुकिंग की सुविधा शुरू तो कर दी गई है, लेकिन इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पोर्टल पर बुकिंग ठप होने से अब दूरदराज से आने वाले मरीजों को मुश्किलें झेलनी पड़ेगी। पोर्टल पर किसी भी विभाग की ओपीडी बुकिंग के लिए बस नो स्लॉट का ऑप्शन दिख रहा है। तीन दिन से यही स्थिति है। ऐसे में लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं कि वह कैसे चिकित्सकों को दिखाएंगे। ऑफलाइन पंजीकरण कराना बड़ी मुश्किल का काम है। कोरोना काल में ओपीडी में विभागवार 50 मरीजों को देखने की व्यवस्था बनाई गई है। नियमानुसार पोर्टल पर ऑनलाइन ओपीडी बुकिंग जरूरी है। हालत यह है कि पोर्टल पर बुकिंग पूरी तरह से ठप है। समस्या पिछले तीन दिन से बनी हुई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। सबसे अधिक आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, मध्यप्रदेश आदि जगहों से आने वाले मरीजों को हो रही है। बुकिंग नहीं होने से लोगों को ओपीडी सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सप्ताह भर बाद तक बुकिंग की सुविधा
पोर्टल पर सुविधा के अनुसार, बुकिंग के अगले दिन से लेकर सप्ताह भर बाद तक की तिथि के लिए ओपीडी की बुकिंग करा सकते हैं, लेकिन इस समय कुछ नहीं हो पा रहा है। एसएसएच-आईएमएस-बीएचयू एप पर बुकिंग के लिए लोग प्रयास तो रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। मॉर्डन मेडिसिन के साथ ही आयुर्वेद संकाय और दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में भी यही स्थिति है। इधर, शनिवार को ओपीडी में पर्चा कटाने के लिए बहुत से मरीज और परिजन भटकते रहे।
सही नहीं हुई व्यवस्था तो बढ़ेगी मुसीबत
अस्पताल के ओपीडी बुकिंग काउंटर पर भी एप के माध्यम से बुकिंग कराने की सूचना जगह-जगह चस्पा कराई गई है। शनिवार को लोग काउंटर पर पर्चा बनवाने पहुंचे और पोर्टल पर बुकिंग नहीं होने का हवाला दिया। इस वजह से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। अब रविवार को ओपीडी बंद रहेगी। ऐसे में अगर जल्द ही व्यवस्था सही नहीं हुई तो सोमवार को लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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केस-1
चंदौली निवासी गोपाल ने परिवार के सदस्य के लिए एप पर बुकिंग की प्रक्रिया शुरू की। दो-तीन चरण पूरे होने के बाद जब बुकिंग की तिथि देखनी चाही तो कोई ऑप्शन नहीं आया। बताया कि केवल नो स्लॉट लिखकर आ रहा है। ऐसे में अब डॉक्टर को दिखाना मुश्किल होगा।
केस-दो
मिर्जापुर निवासी उमाकांत को दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में डॉक्टर को दिखाना था। ओपीडी पर बुकिंग नहीं हुई तो मिर्जापुर से वाराणसी तक आ गए, लेकिन काउंटर पर भी बुकिंग नहीं हुई। अब उन्हें डॉक्टर को दिखाने की चिंता सता रही है।
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