पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित संवाद के बाद छात्रों के साथ खड़े पूर्वांचल विश्वविद्यालय के
मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से रविवार को आर्यभट्ट सभागार में नवागंतुक विद्यार्थियों से संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. आरके सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता के लिए शॉर्टकट नहीं, निरंतर अभ्यास करना जरूरी है। कुलपति ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसके भवन, प्रयोगशालाओं या संसाधनों से नहीं, बल्कि वहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों, आचरण, ज्ञान और सामाजिक योगदान से बनती है। विद्यार्थियों की सफलता से परिवार और समाज के साथ संस्थान का भी गौरव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश जीवन की एक नई यात्रा की शुरुआत है। विद्यार्थियों को इस दौरान अपने ज्ञान, तकनीकी दक्षता और व्यक्तित्व का निरंतर विकास करना चाहिए। इंजीनियरिंग जैसे व्यावहारिक विषय में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगशाला में अभ्यास और समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। कुलपति ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए पीपीपी मॉडल यानी प्रैक्टिस, प्रैक्टिस और केवल प्रैक्टिस का सूत्र दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास से कार्य में दक्षता आती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर ने की। इस दौरान डॉ. लक्ष्मी मौर्य, शिवांग, डॉ. सत्यम उपाध्याय, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. जया शुक्ला, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. श्वेता सिंह मौजूद रहे।