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मणिकर्णिका घाट पर नहीं तोड़ी गई कोई मूर्ति : स्वामी जितेंद्रानंद

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वाराणसी। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद कॉरिडोर स्थित कुंभ महादेव और मणिकर्णिका घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि, मैंने खुद मणिकर्णिका घाट जाकर देखा है। वहां कोई मूर्ति नहीं तोड़ी गई है। एआई के जरिये फैलाया गया ये भ्रम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि मणिकर्णिका घाट एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। ऐसे में वहां सुविधाओं का विस्तार और व्यवस्थित विकास जरूरी है। सरकार इसी उद्देश्य से निर्माण कार्य करा रही है, जो काशी की परंपरा और गरिमा के अनुरूप है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के दौरान भी ऐसी अफवाहें फैलाई गई थीं, लेकिन आज वही परियोजना काशी के विकास का उदाहरण बन चुकी है। संवाद
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बटुकों को करते हैं आगे

प्रयागराज संगम तट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा किए जा रहे अनशन पर टिप्पणी करते हुए स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि श्रद्धालुओं और बटुकों को आगे करके इस तरह की गतिविधियां करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस मार्ग को प्रशासन ने बंद किया था, वहां बैरिकेडिंग तोड़कर जाने का औचित्य क्या था।
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