छात्रों ने बताया कि जिस प्रकार पंडित मालवीय ने भिक्षाटन कर विश्वविद्यालय का निर्माण कराया उसी प्रकार हम भिक्षा मांगकर फेलोशिप बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया। अब यह धनराशि विवि प्रशासन को सहयोग के तौर पर भेंट की जाएगी।
बीएचयू में नॉन नेट शोध की फेलोशिप बढ़ाने पर दसवें दिन भी कोई फैसला नहीं हो सका। विरोध में केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्रों ने भिक्षाटन कर नाराजगी जाहिर की। इस दौरान मिले 271 रुपये वित्ताधिकारी को देने पहुंचे, जहां वह पैसा नहीं दे सके।
छात्रों ने बताया कि जिस प्रकार पंडित मालवीय ने भिक्षाटन कर विश्वविद्यालय का निर्माण कराया उसी प्रकार हम भिक्षा मांगकर फेलोशिप बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया। अब यह धनराशि विवि प्रशासन को सहयोग के तौर पर भेंट की जाएगी।