बीएचयू ने पीजी स्पॉट राउंड की मेरिट में कटऑफ से ज्यादा अंक पाने पर भी दाखिले के लिए बुलावा नहीं आया। इस तरह के कई मामले आने के बाद केंद्रीय प्रवेश समिति ने बताया है कि स्पॉट और नियमित राउंड की संयुक्त मेरिट और सीट कैंसिल होने पर ऐसी स्थिति बन जा रही है। इससे कटऑफ बदल जाता है। यदि 37 अंक वाले ने दाखिला कैंसिल करा लिया तो फिर कटऑफ 41 अंक पर भी जा सकता है। सीएसी के अध्यक्ष प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने एडमिशन पोर्टल पर सूचना जारी कर बताया है कि नियमित राउंड से प्रवेश ले चुके छात्रों और स्पॉट राउंड के आवेदकों को एक साथ क्रम से रखा जाता है। इसकी संयुक्त रैंकिंग निकाली जाती है।
यही अंतिम आवंटन और कटऑफ निर्धारित करता है। यदि किसी एक कोर्स में किसी श्रेणी में 10 सीटें हैं। एक दूसरी स्थिति यह भी हो सकती है कि यदि नियमित राउंड से प्रवेश लेने वाला कोई छात्र अपनी सीट वापस ले लेता है, तो कटऑफ बदल सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि 37 अंक वाला छात्र अपनी सीट वापस ले लेता है, तो कटऑफ 42 हो सकता है और 55 अंक वाले छात्र को प्रवेश मिल सकता है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इसमें अपग्रेडेशन और फ्रीज के मामलों पर विचार नहीं किया गया है, जिन्हें शामिल करने पर कुछ अलग तरह के मामले सामने आ सकते हैं।