फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक रात में नौ घर नदी में समाए: सरयू का उफान देख खुद तोड़ रहे मकान, स्कूल भी विलीन; तहसील पर करेंगे प्रदर्शन

Fri, 31 Jul 2026 08:48 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Flood Alert: सरयू नदी के तेज कटान से एक ही रात में नौ घर और गोपालनगर टाड़ी का प्राथमिक विद्यालय नदी में समा गया। आठ अन्य मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। दो वर्ष पहले विस्थापित हुए कई परिवार दोबारा बेघर हो गए हैं। दियरांचल के चार गांवों के ग्रामीण राहत और सुरक्षा की मांग को लेकर शनिवार को तहसील पर प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
मकान का दरवाजा खोलते लोग। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Ballia News: सरयू नदी का विकराल कटान उत्तरी दियरांचल में लगातार तबाही मचा रहा है। बृहस्पतिवार की रात चली तेज पुरवाई हवा के बाद गोपालनगर टाड़ी गांव में कटान और तेज हो गया। एक ही रात में नौ लोगों के पक्के मकान सरयू नदी में समा गए, जबकि प्राथमिक विद्यालय गोपालनगर टाड़ी का बचा हुआ हिस्सा भी नदी में विलीन हो गया। इसके साथ ही विद्यालय का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो गया। आठ अन्य मकान कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

विज्ञापन


कटान की चपेट में आने वाले मकानों में झलखू यादव, उदय यादव, काशीनाथ यादव, सोमारू यादव, रोशन यादव, चंदन यादव, श्याम बिहारी यादव, पशुपति यादव और दीपक यादव के मकान शामिल हैं। वहीं शंभूनाथ यादव, ललन यादव, मकरध्वज यादव, परशुराम यादव, सुदर्शन यादव तथा लालजी यादव के मकान भी कटान के बेहद करीब पहुंच गए हैं। 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण अपने पक्के मकानों को तेजी से तोड़कर ईंटें और घरेलू सामान ट्रैक्टरों पर लादकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। दूसरी ओर, गोपालनगर टाड़ी में विद्युतीकरण के लिए लगाए गए बिजली के खंभों को भी बिजली विभाग ने तार हटाने के बाद उखाड़ लिया है। विभाग का कहना है कि कटान बेहद तेज है और यदि बिजली लाइन नदी में चली गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर खंभे हटाए गए हैं।

विज्ञापन

विद्यालय पहले ही किया गया था स्थानांतरित
गोपालनगर टाड़ी प्राथमिक विद्यालय के पूरी तरह नदी में समाहित होने से पहले ही उसे जूनियर हाईस्कूल गोपालनगर परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया था। विद्यालय में कुल चार कमरे हैं, जिनमें दो कमरों में कक्षा छह से आठ तक के छात्र पढ़ते हैं, जबकि शेष दो कमरों में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई संचालित की जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विद्यालय को ऐसे स्थान पर स्थानांतरित किया गया, जहां कटान प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

दो साल पहले उजड़े, अब फिर बेघर हुए परिवार
कटान की मार झेल रहे एक दर्जन से अधिक परिवारों ने दो वर्ष पूर्व अपना पुराना आशियाना सरयू नदी में समाने के बाद कटान स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नया घर बनाया था। लेकिन दो साल के भीतर ही उनके नए मकान भी नदी में समाहित होने लगे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि अब उनके सामने सबसे बड़ी समस्या बसने की है। उनकी जमीन और मकान दोनों नदी में समा चुके हैं तथा पिछले पांच वर्षों में विस्थापित परिवारों को अब तक शासन की ओर से बसने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में उनके सामने या तो पुरानी रेलवे लाइन के किनारे बसने अथवा रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

आज तहसील पर होगा प्रदर्शन, आमरण अनशन की चेतावनी
सरयू नदी के कटान से त्रस्त उत्तरी दियरांचल के चार गांवों के हजारों ग्रामीण शनिवार को बैरिया तहसील पहुंचकर शासन-प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान रोकने के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं है और बाढ़ विभाग द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उनका कहना है कि यदि तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन के बाद आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। शिवाल मठिया निवासी ओमप्रकाश सिंह, गोपालनगर टाड़ी निवासी अर्जुन यादव, सुनील यादव, प्रदीप यादव तथा वशिष्ठ नगर निवासी राजकिशोर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि दियरांचल के लोगों के सामने अब "करो या मरो" जैसी स्थिति बन गई है।
विज्ञापन

कटान पीड़ितों की हरसंभव मदद की जा रही : एसडीएम
उपजिलाधिकारी बैरिया शशिभूषण मिश्र ने कहा कि कटान पीड़ितों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए प्रशासन गंभीर है। प्रभावित परिवारों को तत्काल गृह अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उन्हें बसाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह में लगभग 32 बीघा भूमि सरयू नदी में समाहित हुई है, जबकि ग्रामीण इससे कहीं अधिक नुकसान होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें