इसी क्रम में उन्होंने सेतु और पहले से जगह-जगह बनाए गए ब्रेकर के साथ दोनों तरफ जमा सील्ट हटाने को कहा। मरम्मत में जुटे इंजीनियरों को निर्देश दिया कि मरम्मत का काम दो शिफ्टों में दिन-रात किया जाए।
हर प्रकार के जरूरी सामान मंगा लें और जरूरत हो तो मजदूरों की संख्या भी बढ़ाई जाए। निर्धारित समय के अंदर पुल की मरम्मत का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए।