हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा की सफाई के लिए कई कदम उठाने के बाद अब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) अगले चरण में इलाहाबाद से वाराणसी तक गंगा की सफाई पर फोकस करेगा।
एनजीटी ने गंगा सफाई से जुड़े सभी पक्षों से कहा है कि वे उन्नाव से बिहार की सीमा तक के लिए एक कार्ययोजना बनाएं। न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने कहा कि उन्नाव से लेकर बिहार सीमा तक के फेज दो को लेकर चिंतित हैं।
पीठ ने 24 जुलाई को शाम तीन बजे सभी पक्षों की बैठक बुलाई है। पीठ ने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यमुना की सफाई के लिए उसे अधिकृत किया है जो गंगा की एक बड़ी सहायक नदी है।
बता दें कि करीब 2525 किमी लंबी गंगा नदी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसके आसपास बसे कई शहर अपनी आवश्यकता की पूर्ती के लिए गंगाजल का इस्तेमाल करते हैं।