उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम लखनऊ और बौद्धायन सोसाइटी संस्था की तरफ से चल रहे 15 दिवसीय संस्कृत गान प्रशिक्षण कार्यशाला के सातवें दिन सोमवार को उपशास्त्रीय गायिका सुचरिता गुप्ता ने सुर, लय व ताल का महत्व बताते हुए गीतों का लयात्मक अभ्यास कराया। तबले पर सन्नी गुप्त रहे। वहीं डाॅ. सरोज पांडेय ने गुरुजी की संस्कृत रचना का भोजपुरी धुन में अभ्यास कराया। इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन पाठक, विद्यालय की प्राचार्या नन्दिता शास्त्री, डाॅ. लता पांडेय, रासबिहारी पांडेय व संयोजक डाॅ. मंजरी पांडेय आदि मौजूद रहीं।