आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में सुरक्षा पॉलि क्लिनिक से जुड़े डॉ. कन्हैयालाल श्रीवास्तव, डॉ. संतोष अस्थाना और डॉ. मनीष पांडेय के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि इलाज में गंभीर लापरवाही तथा गलत इंजेक्शन व दवाओं के प्रयोग से एक नवजात की हालत बिगड़ गई, जिसके चलते बाद में उसका हाथ काटना पड़ा। पुलिस ने पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता चंद्रकेश यादव ने बताया कि उनकी पत्नी का 14 जून को कप्तानगंज स्थित क्लिनिक में प्रसव हुआ था। प्रसव के दो दिन बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन, दवाओं के प्रयोग और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बच्चे के दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण हो गया। धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि डॉक्टरों ने काफी समय तक बच्चे को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा और इस दौरान परिजनों को उसकी वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया। साथ ही, समय रहते किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर भी नहीं किया गया। बाद में जब बच्चे की हालत अधिक गंभीर हो गई, तो उसे पहले दूसरे अस्पताल और फिर लखनऊ के एक बड़े अस्पताल में ले जाया गया। वहां के चिकित्सकों ने संक्रमण के अत्यधिक बढ़ जाने के कारण नवजात का हाथ काटने की सलाह दी।
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इलाज के बाद बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कप्तानगंज निवासी डॉ. कन्हैयालाल श्रीवास्तव, डॉ. संतोष अस्थाना और डॉ. मनीष पांडेय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी अनुराग कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच में जो तथ्य प्रकाश में आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।