वर्ष 2016 का पहला विहान जज्बा, जोश और उत्साह लेकर आया। नई उम्मीदों, आशाओं की किरण फूटी।
शुक्रवार की सुबह पूरब की लालिमा से सूरज के निकलते ही गंगा तट पर हजारों लोगों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ नए साल की अगवानी की। बच्चे, महिलाएं हों या युवा, नए साल का जश्न मनाने के लिए इस कदर उमड़े कि दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट जाने वाले रास्ते पैक हो गए।
सड़कों पर पार्किंग तक के लिए जगह नहीं बची। नए साल की खुशियों का मेला घाटों से लेकर गंगा उस पार रेत तक श्ााम तक गुलजार रहा।
रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजे वाहनों पर सवार होकर लोग सुबह ही पिकनिक स्पाट की ओर निकल पड़े।
घाटों पर युवाओं का रेला उमड़ने लगा। अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस की महफिल में प्रभाती रागों के साथ लोगों की सुबह हुई। इस घाट की सीढि़यों पर जगह-जगह युवक-युवतियों की भीड़ नजर आई। भीड़ संभालने के लिए पुलिस को देर शाम तक मशक्कत करनी पड़ी। इसी तरह दशाश्वमेध घाट पर भी रेला चलता रहा।
उधर, गंगा पार रेत पर मनोरंजक खेल भी हुए और घुड़सवारी भी। नावों-बजरों पर डीजे के साथ युवाओं की मस्ती घंटों चली। जगह-जगह लोग गेम खेलने के साथ ही गीत-संगीत और अंत्याक्षरी में रमे रहे। पतंगबाजी भी हुई। परिवारीजनों, मित्रों के साथ लोग मनपसंद व्यंजनों का लुत्फ भी उठा रहे थे।
नगर निगम की ओर से भी नए साल पर जगह-जगह रंगोली बनवाई गई। चूने से नया साल मंगलमय हो, हैप्पी न्यू ईयर लिखा गया। उधर, दुर्गाकुंड स्थित अंध विद्यालय में काशी प्रबुद्ध महिला मंच ने दृष्टिबाधित बच्चों संग नववर्ष मनाया।