दिन में तीखी धूप और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। शहर में दिन हो या रात बिजली कब कट जाएगी, उसका कोई समय निर्धारित नहीं है। पिछले एक सप्ताह से काशी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था ऐसे ही चल रही है। इस बीच बिजली की खपत ने नया रिकार्ड बना दिया है।
शनिवार को जिले में 820 मेगावाट बिजली की खपत रिकाॅर्ड की गई, जो कि औसत से करीब 120 मेगावाट अधिक रही। इस बीच रविवार को भी शहर में ट्रिपिंग से लेकर लो वोल्टेज की समस्या से लोग जूझते रहे बिजली की बेहतर आपूर्ति मिलते रहे, इसके लिए शहर से लेकर गांव तक अभियान चलाकर पुराने उपकरणों को बदला जा रहा है।
इसके साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तारों को बदलकर नया तार लगवाने का काम चल रहा है। इसके बावजूद 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। रविवार को शहर में बृज इन्क्लेव, चितईपुर, सुंदरपुर, वरुणापार, अर्दली बाजार, भगवानपुर, करौंदी, आदित्यनगर, भिटारी, कंदवा, रोहनिया आदि जगहों पर बिजली कटौती की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहर में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चरमरा सी गई है। सबसे अधिक परेशानी तब हो रही है जब कहीं फाॅल्ट हो रहा है। लोगों की सूचना देने के बाद भी समय से फाॅल्ट नहीं दूर हो पा रहा है।
डीएम आवास में भी बिजली आपूर्ति रही बाधित
वरुणा पार क्षेत्र में जिलाधिकारी कैंप कार्यालय को मिलने वाली आपूर्ति में भी एक फेज की बिजली में समस्या रही। कुछ देर के लिए यहां आपूर्ति बाधित रही। इसकी सूचना मिलते ही बिजली कर्मी जिलाधिकारी आवास पहुंचे और समस्या का समाधान किया।
बीच सड़क लगा दिया ट्राॅली ट्रांसफाॅर्मर
गायघाट इलाके में दो दिन पहले ट्रांसफाॅर्मर जल जाने की वजह से लोग परेशान हो गए। काॅलोनी के लोगों ने उपकेंद्र पर शिकायत की तो किसी तरह वहां ट्राॅली ट्रांसफाॅर्मर लगाकर आपूर्ति दी जा रही है। यहां सकरी गली से ही लोगों का आना जाना रहता है, इसी गली में ट्राॅली ट्रांसफाॅर्मर बीच में लगा दिया गया है, जिस वजह से काॅलोनी के लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है।
एक नजर में खपत का आंकड़ा
17 मई 820 मेगावाट
16 मई 792
15 मई 739
14 मई 746
13 मई 748
12 मई 737
11 मई 703 मेगावाट