ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इवेंट्स एंड हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स उत्तर प्रदेश चैप्टर के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को सारनाथ स्थित एक होटल में टूरिज्म इंडस्ट्री इंटरैक्शन प्रोग्राम हुआ। इसमें ब्रिक्स सम्मेलन के उत्तर प्रदेश के पर्यटन पर प्रभाव, उभरते अवसर, चुनौतियां एवं भविष्य की दिशा पर विमर्श हुआ।
मुख्य अतिथि इंडिया टूरिज्म वाराणसी के असिस्टेंट डायरेक्टर अमित गुप्ता ने कहा कि ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन क्षमता को वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के नए अवसर मिले हैं।
ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इवेंट्स एंड हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स उत्तर प्रदेश चैप्टर के चेयरमैन डीएन सिंह ने कहा कि वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन और आगरा जैसे प्रमुख स्थलों की समृद्ध विरासत को विदेशी पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए पर्यटन उद्योग, होटल, ट्रैवल ट्रेड, इवेंट और सरकारी संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
ब्रिक्स से पैदा हुई वैश्विक रुचि को व्यापारिक अवसरों में बदलने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। सत्र के दौरान पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांडिंग और आतिथ्य उद्योग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। संचालन सेक्रेटरी अवनीश कांत पाठक और स्वागत उदय सिंह ने किया। इस अवसर पर सुशील कुमार सिंह, राजीव सिंह, शांतनु सिंह, डॉ. अजय सिंह, जितेंद्र सिंह, मिस केसी सिंह आदि मौजूद रहे।