रेलवे की लंबी दूरी की ट्रेनों में नए कोच जोड़े जा रहे हैं, लेकिन आरक्षण सिस्टम अपग्रेड नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा बुजुर्ग यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। रिजर्वेशन सिस्टम के तहत लोअर की जगह अपर बर्थ मिल जा रहा है। इससे बुजुर्ग यात्रियों को सीट बदलने के लिए मनुहार करनी पड़ रही है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में चलने वाले टीटीई के अनुसार नए कोच में बर्थ प्लान आठ कूपे के थ्री टायर का एकदम अलग है। लेकिन रिजर्वेशन सिस्टम में पुराने नौ बर्थ के थ्री टायर कूपे के हिसाब से बर्थ अलाटमेंट हो रहा है। नए कोच में सीटें पतली कर कुल 10 कूपे निकाल बनाए गए हैं। उस हिसाब से कुल 80 बर्थ हो गई है। इससे आवंटित बर्थ नीचे की ऊपर और ऊपर की नीचे हो जा रही है।
सीनियर सिटीजन जब कोच में सवार हो रहे हैं तो उन्हें अपर बर्थ मिल रहा है। ऐसे में वह लोअर बर्थ की मांग करते हैं। समझदार यात्री होते हैं तो सीटें बदल लेते हैं। लेकिन, कभी-कभी यात्री मानते नहीं हैं, और उन्हें परेशान होना पड़ता है। गरीब रथ के एसी कोच अटेंडेंट के अनुसार कई महीने से ऐसी दिक्कत आ रही है। शिकायत होती है लेकिन कोई फर्क अब तक नहीं पड़ा।