फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल के पीएम ओली के अयोध्या वाले विवादित बयान पर नेपाली युवक का सिर मुंडवाया, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस

Fri, 17 Jul 2020 04:37 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
नेपाली युवक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

भगवान श्रीराम और अयोध्या पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बयान को लेकर काशी में भी काफी चर्चाएं हो रही हैं। इन चर्चाओं के बीच कुछ लोग अनुचित हरकतें भी कर रहे हैं। गुरुवार को विश्व हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने गंगा किनारे एक बेकसूर नेपाली युवक का सिर मुंड़वाकर जय श्रीराम लिखवा दिया। युवक से जय श्रीराम के नारे लगवाए और ओली के खिलाफ नारेबाजी करवाई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शहर के प्रबुद्ध लोगों ने भी इस हरकत की निंदा की है। वहीं एफआइआर दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी अरुण पाठक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।

विज्ञापन


घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा है कि नेपाली पीएम ने अपने बयान पर माफी नहीं मांगी तो आगे भी ऐसा किया जाएगा। शहर के घाटों, मंदिरों व उन इलाकों में जहां नेपाल के लोग रहते हैं, वहां चेतावनी भरे पोस्टर भी लगाए गए हैं। 

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक का कहना है कि ओली का बयान बचकाना और निंदनीय है। उन्हें पता है कि अयोध्या कहां है, लेकिन वे चीन के इशारों पर नाचने वाली कठपुतली बन गए हैं और भारत विरोधी घृणित कार्य कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

नेपाली युवक का सिर मुड़वाने वाले मामले में दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह ने घसियारी टोला निवासी संतोष कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया। संतोष सिर मुड़वाने के दौरान वीडियो बना रहा था।
अमित पाठक, एसएसपी वाराणसी

यह बेहद अमानवीय हरकत है। विश्व हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम गठित की गई है। कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली कोई भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास चंद्र त्रिपाठी, एसपी सिटी

सदियों से हैं काशी के नेपाल से संबंध

भारत-नेपाल मैत्री संबंध सदियों से हैं। इसमें काशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। काशी में पशुपतिनाथ की तर्ज पर विशाल और ऐतिहासिक मंदिर है। काशी में नेपाल के हजारों लोग पीढ़ियों से रहते आ रहे हैं। यही नहीं, आज भी नेपाल से लोग यहां व्यापार करने आते हैं। उनकी धार्मिक आस्था भी काशी से जुड़ी हुई है। काशी में नेपाल के लोगों का अलग मोहल्ला है और यहां बड़ी संख्या में नेपाल के लोग रहते हैं। पीढ़ियों से यहां रहने वाले नेपाल मूल के लोग भी काशी का अंग बन चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें